Daisy Flower In Hindi गुलबहार का फूल की जानकारी

Daisy Flower In Hindi

इस पोस्ट Daisy Flower In Hindi में गुलबहार का फूल (Gulbahar Flower Information) की जानकारी देने का प्रयास है। गुलबहार फूल को अंग्रेजी में “Daisy Flower” भी कहते है। यह फूल खूबसूरत और खुशबूदार होते है। बगीचे में लगा हुआ डेज़ी फ्लॉवर का पौधा किसी मनमोहक आकर्षण से कम नही होता है। तो आइए दोस्तो, डेज़ी फूल के बारे में (Daisy Flower Information In Hindi) बात करते है।

गुलबहार का फूल की जानकारी Daisy Flower In Hindi

1. गुलबहार फूल (Daisy Flower) की करीब 4 हजार के आसपास प्रजाति पूरी दुनिया में पायी जाती है। केवल अंटार्कटिका महाद्वीप पर यह फूल नही मिलता है। ये प्रजातियां आपस में रंग और प्रकार में अलग होती है। इस पौधे को पनपने के लिए सूरज की रोशनी चाहिए। बसन्त ऋतु में गुलबहार का पौधा ज्यादा पनपता है।

2. गुलबहार का पौधा करीब 3 से 5 फ़ीट तक बढ़ता है। इस पौधे की पत्तियां हरे रंग की होती है। जो इसके पूरे तने पर होती है।

3. गुलबहार फूल का रंग पीला या सफेद होता है। इसकी पंखुड़ियां पतली और कम चौड़ाई की होती है। इसे एक फूल में दो फूल भी कहते है क्योंकि इसमें दो फूल होते है।

4. डेज़ी फूल का केंद्र भाग फ्लोरल डिस्क कहलाता है जो पीले रंग का होता है। वैसे कुछ प्रजातियों में बैंगनी, नारंगी, नीला भी होता है। यह डेज़ी का केंद्रीय फूल है।

5. फ्लोरल डिस्क में कई छोटे फूल होते है। इन छोटे फूलों को फ्लोरेट्स कहते है। ये फ्लोरेट्स ही पंखुड़ियों का निर्माण करते है।

6. पंखुड़ियां सफेद रंग की होती है। वैसे कई डेज़ी फूल में पंखुड़ी पीली, नारंगी, बैंगनी इत्यादि रंगों में भी मिलती है। यह दिखने में बिल्कुल सूरजमुखी फूल की तरह है। दुनिया के ज्यादातर डेज़ी फूल में फ्लोरल डिस्क पीले रंग और पंखुड़ियां सफेद रंग में होती है।

Daisy Flower Information In Hindi डेज़ी फ्लॉवर –

7. गुलबहार फूल (Daisy Flower) की पंखुड़ियों का रंग अलग अलग भावार्थ दर्शाता है। बैंगनी रंग सम्मान और सफलता का प्रतीक है जबकि पीला रंग दोस्ती का प्रतीक है। सफेद रंग का फूल सादगी और नम्रता का प्रतीक होता है।

8. तितलियां, मधुमक्खी और अन्य कीट पतंगे इन फूलों की तरफ आकर्षित होते है। ये गुलबहार फूल के नेक्टर का रसपान करते है। ये डेज़ी पौधे में परागण करने में सहायक होती है।

9. शाम के वक्त इस फूल की पंखुड़ियां बंद हो जाती है। केवल दिन के समय ही यह खिलता है। सूर्योदय होने पर वापस खिलता है।

10. डेज़ी फ्लॉवर की मुख्य प्रजातियों में शास्ता डेज़ी, अफ्रीकन डेज़ी, पेंटेड डेज़ी, लेजी डेज़ी, इंग्लिश डेज़ी इत्यादि आती है। दुनिया में सबसे ज्यादा शास्ता डेज़ी पाया जाता है।

11. डेज़ी फ्लॉवर को “दिन की आंख” भी कहते है। यह दिखने में एक आंख की तरह है और केवल दिन में ही खिलता है। इसलिए इसका नाम “दिन की आंख” पर डेज़ी रखा गया है।

12. डेज़ी का पौधा खाने योग्य भी है। इसकी फूल और पत्तियां लोग खाते है। सलाद या सूप बनाने में भी इसका इस्तेमाल होता है। डेज़ी फूल में विटामिन सी पाया जाता है। इसकी चाय भी बनाई जाती है जो कफ और खांसी में लाभकारी है। कई प्रकार की हर्बल दवाइयां बनाने में भी गुलबहार फूल का उपयोग किया जाता है।

13. गुलबहार (Daisy Flower) का पौधा केवल 2 वर्ष तक ही रहता है।

गुलबहार का फूल Gulbahar Flower –

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