Sun In Hindi सूर्य क्या है? (Facts & Information)

सूर्य के बारे में जानकारी Information About Sun In Hindi

दोस्तो, नॉलेज डब्बा का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि ब्रह्मांड से सम्बंधित ज्ञान आपको देता रहे और इस आर्टिकल Information About Sun In Hindi में हमारे सौरमण्डल में ऊर्जा के एकमात्र सोर्स सूर्य के बारे में जानकारी पर बात करेंगे।

दोस्तो पूरे ब्रह्मांड की अरबो आकाशगंगाओ में से एक अपनी आकाशगंगा मिल्की वे है। मिल्की वे में करोड़ो सौरमण्डल है और इन्ही में से एक अपना सौरमण्डल है जिसमे पूरे 8 ग्रह है और ये ग्रह अपने तारे के चारो और चक्कर लगा रहे है। अपने सौलर सिस्टम का एकमात्र तारा सूर्य है।

सूर्य (Sun) के सोलर सिस्टम में 8 ग्रहों के अलावा उल्कापिंड, धूमकेतु भी आते है। ये सारे पिंड सूर्य की परिक्रमा करते है और इनकी परिक्रमा की एक निर्धारित कक्षा होती है। तो आइये दोस्तों, सूर्य के बारे में जानकारी (Sun Facts Information In Hindi) जानने का प्रयास करते है।

सूर्य की उत्पति कैसे हुई? Sun History in Hindi

आपके मन मे यह प्रश्न हमेशा आता होगा कि अपना सूर्य की उत्पति कैसे हुई? और कब इसका जन्म हुआ तो दोस्तो पूरे ब्रह्मांड के हर एक तारे के बनने का समान इतिहास है। ब्रह्मांड के हर तारे का जन्म और मरण निश्चित है जैसे हमारे सूर्य का भी निश्चित है। सूर्य का जन्मदाता निहारिका (Nebula) को कहा जाता है।

निहारिका अन्तरिक्ष की धूल और हाइड्रोजन गैस का सघन मिश्रण है जो एक बादल की तरह होता है। निहारिका इसकी जन्मदात्री आकाशगंगा है।

अगर आपने अपनी आकाशगंगा मिल्की वे का आर्टिकल पढ़ा है तो आप जानते होंगे कि अपनी मिल्की वे सर्पिल आकार की है और इसकी भुजाओ में निहारिका मौजूद है जिसमे नए तारो का निर्माण की प्रकिया सतत चलती रहती है।

निहारिका क्या होती है
निहारिका 

निहारिका क्या होती है – What Is Nebula In Hindi?

Nebula में धूल और हाइड्रोजन गैस होती है जो एक बादल की तरह होती है जब निहारिका घनत्व बढ़ने लग जाता है और यह बादल स्वयं के भार और गुरुत्वाकर्षण के कारण सिकुड़ने लगता है तब हाइड्रोजन गैस और अंतरिक्ष धूल आपस में मिलकर ठोस होने लग जाती है। बादल का केंद्र भाग तेज गति से घूमने लगता है।

जब यह सिकुड़न और बढ़ती है तब इस बादल के कणों में बहुत तेज घर्षण होता है जिससे इसका केंद्र भाग तेजी से गर्म होता है। यह क्रिया करीब 50 मिलियन वर्षो तक लगातार चलती है। इसके केंद्र का तापमान और घनत्व लगातार बढ़ता जाता है जिससे हाइड्रोजन के नाभिक एक दूसरे से टकराने लग जाते है।

जब इसका तापमान करीब 1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस पहुँचता है तब केंद्र में नाभिकीय संलयन (Fusion Reaction) की क्रिया होती है और हाइड्रोजन का हीलियम में परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है। Fusion के द्वारा ही ऊर्जा बनती है और यही किसी भी तारे की ऊर्जा का सोर्स है।

ऊर्जा का यह उत्सर्जन सूर्य की गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करता है और उसको और अधिक सिकुड़ने से रोकता है। इसके बाद तैयार होता है एक तारा जो सतत ऊर्जा का सोर्स होता है। हमारा सूर्य भी ऐसी ही एक प्रकिया से गुजर कर ऊर्जा का सॉर्स बना है।

 

सूर्य के बारे में रोचक तथ्य Amazing Facts About Sun In Hindi

अभी तक आप जान चुके है की नेबुला क्या है? अब सूर्य या सूर्य के जैसे तारे कैसे जन्म लेते है और मरते है। तो आइये Information About Sun In Hindi में सूर्य की उत्पति कैसे हुई? और इसके रोचक तथ्य जानने का प्रयास करते है।

Information About Sun In Hindi

1. कोई भी तारा जो औसतन हमारे सूर्य के जितना द्रव्यमान का होता है वो 10 बिलियन वर्षो तक प्रकाश देता है।

2. ब्रह्माण्ड के सारे तारे अपनी आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा करते है जैसे सूर्य मिल्की वे की परिक्रमा करता है।

3. तारो के जन्मदाता निहारिका में इतना द्रव्यमान होता है कि हजारों तारो का जन्म एक साथ होता है।

4. एक निहारिका 30 से 40 प्रकाश वर्ष बड़ी होती है हमारी आकाशगंगा में अनगिनत निहारिका है और करीब 200 अरब सूर्यो के बराबर इनमे द्रव्य मोजूद होता है।

5. तारो के जन्म में एक रोचक बात है कि तारे हमेशा जुड़वा पैदा होते है। एक अकेला तारा कभी भी जन्म नही लेता है। ये तीन और दो के ग्रुप में होते है लेकिन बाद में तारे अपने ग्रुप से अलग हो जाते है। तारा अपनी कक्षा में गति करता हुआ कही दूर निकल जाता है और अपने एक सौर परिवार का निर्माण करता है। सूर्य के साथ भी कुछ ऐसा हुआ था।

6. ज्यादातर तारे अपने सौरमण्डल में अकेले होते है और इनके आसपास खरबो किलोमीटर तक कोई दूसरा तारा नही होता है और अपना सूर्य भी अकेला ही है।

7. सूर्य पृथ्वी की तरह ठोस नहीं है , वो पूरी तरह से गैसों से बना हुआ है।

8. सूर्य के अन्दर के भाग का दबाव , पृथ्वी के दबाव से भी 340 अरब गुना ज्यादा है।

9. जो जन्म लेता है उसकी मृत्यु भी निश्चित है और यही इस ब्रह्मांड का नियम है। किसी भी तारे के जन्म लेने का समय करोड़ो सालो का होता है। एक तारा अरबो सालो तक अपना प्रकाश देता है लेकिन एक दिन वो अपना प्रकाश खो बैठता है। उस तारे की ऊर्जा खत्म हो जाती है और कई तारे तो ब्लैक होल बन जाते है। शून्य से शुरू हुआ सफर शून्य पर आकर खत्म हो जाता है।

10. कुछ वैज्ञानिको के अनुमान के तहत हमारी आकाशगंगा प्रतिवर्ष 3 नए सूर्यो को पैदा करती है। इस अनन्त ब्रह्माण्ड में 400 बिलियन के बराबर आकाशगंगाऐ मानी जाती है। पूरे ब्रह्मांड में प्रतिवर्ष 300 बिलियन नए सूर्य जन्म लेते है। 9600 तारे प्रति सेकंड इस ब्रह्मांड में जन्म लेते है।

सूर्य की जानकारी Sun Information In Hindi

11. ये तो हुई जन्म की बात, अब तारो की मृत्यु की बात करते है। हमारे सूरज से भी लाखों गुना बड़े तारे जब अपना जीवन पूरा कर लेते है तो सुपरनोवा बन जाते है और इनका अंत ब्लैक होल बनकर होता है। अगर हमारे सूर्य और इससे छोटे आकार के तारो की बात करे तो 1 तारा प्रतिवर्ष अपनी ऊर्जा खत्म कर लेता है। वेसे हर आकाशगंगा में यह आंकड़ा अलग होता है लेकिन औसतन माने तो जितने तारे जन्म लेते है उतने ही खत्म हो जाते है।

12. लेकिन एक फैक्ट यह भी है कि जब आकाशगंगा का निर्माण हुआ होगा तब नए तारो का जन्म बहुत ज्यादा मात्रा में हुआ होगा , वैज्ञानिकों ने उस प्रक्रिया को स्टार बस्ट कहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार आकाशगंगा का निर्माण 10 बिलियन वर्षो पहले हुआ होगा। हमारा सूरज स्टार बस्ट प्रोसेस का हिस्सा नही है क्योंकि इसका निर्माण 5 बिलियन वर्ष पहले हुआ है।

13. तारे में हाइड्रोजन से हीलियम का बनना लगातार चलता रहता है और इसी से ऊर्जा यानीकि प्रकाश बनता है लेकिन समय के साथ हाइड्रोजन की मात्रा घटने लग जाती है। हीलियम बनने से पैदा हुई राख भट्टी के केंद्र में जमने लग जाती है। हमारे सूर्य का केवल 6 % हाइड्रोजन ही हीलियम में परिवर्तित हुआ है और राख के रूप में केंद्र में जमा हुआ है।

14. बड़े तारो का जीवनकाल छोटा होता है। क्योंकि ये बड़ी तेजी से अपनी हाइड्रोजन को खत्म करते है। हमारा सूर्य एक मध्यम आकार का तारा है जिसका जीवनकाल 10 बिलियन वर्ष है।

Supernova क्या है?

महान खगोलवीद डॉ सुब्रमण्यम चंद्रशेखर के अनुसार जब किसी तारे का 12 फीसदी द्रव्यमान हीलियम की राख के रूप में जमा हो जाती है तब तारे का जीवनकाल समाप्त हो जाता है। छोटे तारे अपनी चमक खो देते है और बड़े तारो में महाविस्फोट Supernova हो जाता है।

सूर्य के रोचक तथ्य Sun Facts In Hindi

15. सूर्य की केंद्र का तापमान 1.6 करोड़ डिग्री सेंटीग्रेड है और इसकी सतह का तापमान 6000 डिग्री सेंटीग्रेड है। अपना सूर्य अभी आधी उम्र का हुआ है। 6 बिलियन वर्ष बाद सूर्य अपनी हाइड्रोजन को खत्म कर लेगा, तब इसका आकार 30 गुना ज्यादा हो जाएगा।

16. अपने सूर्य का आकार 14 लाख किलोमीटर व्यास में है लेकिन 6 बिलियन वर्ष बाद यह 420 लाख किलोमीटर व्यास का हो जाएगा।

17. सूर्य अपने आसपास के सारे ग्रहों और पिंडो को अपने मे समा लेगा जिसमे हमारी पृथ्वी भी है। पृथ्वी का तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड से बढ़कर 500 डिग्री हो जाएगा। पृथ्वी का सारा पानी भाप बनकर उड़ जाएगा। धरती पर जीवन खत्म हो जाएगा।

Information About Sun In Hindi – वेसे पृथ्वी का अंत 6 बिलियन सालो बाद होगा तो दोस्तो अभी घबराने की कोई बात नही है। हम यह सुखद आशा करते है कि तब तक हम पृथ्वी जैसे किसी और ग्रह को खोज ले जो सूर्य जैसे किसी तारे की परिक्रमा कर रहा हो।

Note:- आपको सूर्य की उत्पति कैसे हुई? “Sun History In Hindi” और सूर्य के बारे में रोचक जानकारी Information About Sun In Hindi कैसी लगी। इस पोस्ट Sun Facts Information को शेयर करे…

About the Author: Knowledge Dabba

नॉलेज डब्बा ब्लॉग टीम आपको विज्ञान, जीव जंतु, इतिहास, तकनीक, जीवनी, निबंध इत्यादि विषयों पर हिंदी में उपयोगी जानकारी देती है। हमारा पूरा प्रयास है की आपको उपरोक्त विषयों के बारे में विस्तारपूर्वक सही ज्ञान मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *