राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध लेखन | Essay On Peacock In Hindi

इस लेख Essay On Peacock In Hindi Language में राष्ट्रीय पक्षी (National Bird) मोर पर निबंध हिंदी भाषा में विद्यार्थियों के लिए दिया गया है। मोर भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है। सुंदरतम पक्षियों में शामिल मोर उसके पंखों के कारण संसारभर में जाना जाता है। भारत में मोर का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।

स्कूली विद्यार्थियों को अध्यापक “Mor Pakshi Par Nibandh” लेखन अक्सर देते रहते है। यह आर्टिकल विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा जिससे की मोर या मोरनी पर निबंध लिखने में दिक्कत नही आये। तो आइए दोस्तों, मोर पर निबंध (Essay On National Bird Peacock In Hindi For Class 6, 7, 8, 9, 10) पढ़ते है।

Essay On Peacock In Hindi Language

मोर पक्षी पर निबंध – Essay On National Bird Peacock In Hindi

मोर को मयूर भी कहा जाता है। सुंदर मयूर पक्षी का नृत्य मन मोह लेता है। मूलतः एशिया महाद्वीप में पाया जाने वाला मयूर पक्षी अक्सर आपने देखा होगा। भारत में मोर प्रमुखता से मिलते है। ग्रामीण अंचलों में मयूर देखे जा सकते है। पक्षी विहार में मोर को देखा जा सकता है। घरों की छत पर और पेड़ की डालियों पर मोर अमूमन दिख जाते है।

मोर शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर इस पक्षी के लिए करते है परंतु ऐसा नही है। नर को मोर जबकि मादा को मोरनी कहा जाता है। मोर के पर्यायवाची शब्दों में मयूर, सारंग, कलापी प्रमुख है। मोर का वैज्ञानिक नाम पावो क्रिस्टेटस है।

भारत में मिलने वाले मोर पक्षी मुख्यतः नीले रंग के होते है। वैसे दुनिया में सफेद मोर भी मिलते है। भारत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में सफेद रंग के मयूर मिल जाते है। मोर की दुनियाभर में तीन प्रजातियां पायी जाती है। तीन प्रजातियों के नाम (Peafowl Species) इस प्रकार से है –

  • भारतीय मोर (नीला मोर) – गर्दन नीले रंग की होती है। यह आमतौर पर भारत में पेड़ों पर देखा जा सकता है। भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों में भी नीला मोर पाया जाता है।
  • हरा मोर (जावा मोर) – गर्दन हरे रंग की होती है। यह मोर जावा द्वीप, म्यामार में मिलता है।
  • कांगो मोर – अफ्रीका के कांगो बेसिन इलाके में यह मोर प्रजाति पायी जाती है। इस मोर की पूंछ छोटी और गोलाकार होती है। कोंगो मोर ऊंचाई पर उड़ने में अक्षम होते है।

मोर भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी भी है जिसे 26 जनवरी, 1963 को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। आपकी जानकारी ले लिए बता दु की मोर भारत के अलावा एशिया के अन्य देश श्रीलंका और म्यामांर का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

मोर की विशेषता क्या है? (Characteristics Of Peacock Bird)

मोर में नर और मादा दोनों होते है। नर मोर की पहचान उसके सुंदर चन्द्र आकृति वाले पंख है जबकि मादा के चन्द्र आकृति वाले पंख नही होते है। इसका एक अर्थ यह भी है कि नर मोर मादा से ज्यादा सुंदर होता है। नर का आकार भी मादा मोर से ज्यादा होता है।

नीले रंग की लम्बी गर्दन और सर पर सुंदर कलगी भारतीय मोर की पहचान है। सिर पर मौजूद कलगी ताज जैसी प्रतीत होती है। यही कारण है कि इसे पक्षियों का राजा भी कहा जाता है। मुख्यतः हरे रंग के मोर पंख पर अर्द्ध चन्द्र की आकृति (मयूर पंख) सुंदरता को चार चांद लगा देती है। मयूर पंख में हरे, नीले, पीले, बेंगनी, आसमानी इत्यादि रंगों का समावेश होता है। मोर के पंखों की संख्या करीब 200 हो सकती है जोकि गुच्छे के रूप में होते है। मोर के पंख प्रत्येक वर्ष गिरते है और नए आ जाते है।

खूबसूरत मोर के केवल पैर बदसूरत होते है। मोर के पैर दिखने में बदसूरत लेकिन मजबूत होते है। मोर की आवाज कर्कश, भारी और तेज होती है जो करीब 2 से 3 किलोमीटर तक सुनी जा सकती है। इसकी चोंच शरीर की तुलना में छोटी लेकिन मजबूत होती है।

मोर एक शांत स्वभाव वाला पक्षी है। मोर एक ऐसा पक्षी है जिसके पंख भी है लेकिन यह ज्यादा दूर तक उड़ नही पाता है। ज्यादातर समय यह चलकर बिताता है। लम्बे समय तक उड़ नही पाने का मुख्य कारण इसके शरीर का बड़ा आकार और ज्यादा वजन है।

मोर पक्षी का महत्व (Importance Of Peacock Bird Essay In Hindi)

मोर को पक्षियों का राजा भी कहते है। इसके सौंदर्य और मनमोहक नृत्य ने मोर को पक्षियों का राजा बनाया है। वर्षा ऋतु में बादलों का गरजना और मोर का नृत्य किसी आकर्षण से कम नही है। सुंदर पंखों को फैलाकर मोर मन को लुभा दे, ऐसा नृत्य करता है। आपके मन में एक सवाल जरूर होगा कि मोर नाचता क्यों है? इसका जवाब है, मोरनी को रिझाने और आकर्षित करने के लिए मोर नाचता है।

ऐसा माना जाता है कि मोर को किसी भी प्राकृतिक आपदा का पूर्वाभास हो जाता है। इसलिए मोर तेज आवाज में पीकॉक की ध्वनि निकालते है।

मोर का भारतीय संस्कृति में धार्मिक महत्व है। भगवान कृष्ण के मुकुट में मोर पंख का लगा होता है जो इसके धार्मिक महत्व को बताता है। हिन्दू मान्यता के मुताबिक कार्तिकेय भगवान की सवारी मोर ही है। वास्तुशास्त्र के अनुसार मोर पंख में नवग्रहों का वास है।

मोर पंख को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भारतीय इतिहास में कई ऐसे राजाओं का जिक्र है जो मोर को पंसद किया करते थे। मुग़ल बादशाह शाहजहां के तख्ते ताउज को मयूर सिंहासन भी कहा जाता है। इस सिंहासन में 2 नाचते हुए मोर देखे जा सकते है।

मोर का निवास, भोजन, आयु और प्रजनन क्या है?

मोर का निवास स्थान जंगली पेड़ होते है लेकिन मोरनी अंडे झाड़ियों में देती है। इनका घोंसला सूखी पत्तियों और टहनीयों से मिलकर बना होता है। मोर और मोरनी दोनों के मिलन (Mating) के बाद मोरनी 5 से 12 अंडे देती है। मोरनी ही अंडो को सेहती है जिनसे बच्चें निकलते है। नर और मादा क्लोअका (Cloaca) नामक अंग से आपसी सबंध बनाते है। नर शुक्राणुओं को मादा के अंडो से निषेचन कराता है।

मोर एक सर्वाहारी पक्षी है जो शाकाहारी और मांसाहारी दोनों होता है। जमीन पर रेंगने वाले कीड़े मकोड़े के साथ ही चना, गेंहू अनाज भी मोर का भोजन है। मोर को फल सब्ब्जियाँ भी पसन्द है जिन्हें वह बड़े चांव से खाता है। वैसे दोस्तों, मोर पक्षी छोटे आकार के सांप भी खा जाता है। मोर का का जीवनकाल (आयु) 20 वर्ष तक होता है।

मोर पक्षी का संरक्षण (Essay On Peacock In Hindi)

मोर को पालतू बनाकर रखना अपराध की श्रेणी में आता है। यह भारत में संरक्षित पक्षी है जिसे किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाने पर जेल हो सकती है। वर्ष 1972 में बने मोर संरक्षण कानून के तहत मोर पक्षी की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस कानून की मदद से मोर की जनसंख्या में तेज गिरावट को रोका जा सका है।

दोस्तों, मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है जिसकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी सरकार के साथ हमारी भी है। “Save Peacock”

मोर पर निबंध हिंदी (Long Essay On Peacock In Hindi) लेख में मोर पक्षी की विशेषता, महत्व, निवास, भोजन इत्यादि के बारे में जानकारी आपको कैसी लगी? यह पोस्ट “Essay On National Bird Peacock In Hindi For Class 6, 7, 8, 9, 10” पसंद आयी हो तो इसे शेयर भी करे।

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1 Comment

  1. राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में आपने बहुत अच्छी जानकारी दी

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