कोण क्या है और कोणों के प्रकार Types Of Angles In Hindi

कोणों के प्रकार और उनके नाम पर इस पोस्ट Types Of Angles In Hindi में जानकारी दी गई है। गणित में रेखाओं के मध्य बनने वाले कोण महत्वपूर्ण होते है। त्रिभुज, चतुर्भुज का प्रकार उनकी भुजाओं के मध्य बनने वाले कोणों से ही होता है। तो आइये दोस्तों कोणों के नाम (Angles Name In Hindi), प्रकार और कोण किसे कहते हैं? प्रश्न पर चर्चा करते है।

Types Of Angles In Hindi

कोण क्या है और जानकारी What Is Angles In Hindi

दो रेखाओं के मध्य बनने वाले झुकाव को ही कोण (Angle) कहते है। इसमें एक रेखा स्थिर और दूसरी रेखा गतिशील होती है। सामान्य शब्दों में कहे तो एक बिंदु से निकलने वाली दो रेखाओं के मध्य माप को कोण कहते है। किसी भी कोण को चिन्ह से दर्शाया जाता है। कोण दो भुजाओं और कोने के बिंदु से मिलकर बनता है।

कोण धनात्मक और ऋणात्मक भी होते है। एक धनात्मक कोण (Positive Angle) घड़ी की विपरीत दिशा (Anticlockwise) में बनता है। घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में बने कोण को ऋणात्मक कोण (Negative Angle) कहते है। कोण के आगे धनात्मक या ऋणात्मक चिन्ह लगाकर इसे दर्शाया जाता है। जैसे कि – 90° या +90°।

कोणों का कुल योग 360 डिग्री होता है। मानाकि दोनों रेखाओं का नाम OA और OB है जबकि बिंदु 0 है। तो कोण को ∠AOB से दर्शाते है। कोण को किसी भी अल्फाबेट्स से भी दर्शा सकते है। अब आइये कोण के प्रकार बारे में जानते है।

कोणों के प्रकार Types Of Angles In Hindi

1. शून्य कोण (Zero Angle) – इस कोण का मान जीरो होता है। इसमें दो रेखाओं के मध्य का झुकाव शून्य होता है।

2. न्यूनकोण (Acute Angle) – कोण का माप 90 डिग्री से कम तथा 0 डिग्री से ज्यादा हो तो इस प्रकार का कोण न्यूनकोण (Acute Angle) कहलाता है। रेखा OA और OB दोनों के मध्य का कोण 90 डिग्री से कम होता है। जैसे कि समबाहु त्रिभुज में रेखाओं के मध्य का कोण न्यूनकोण होता है।

3. समकोण (Right Angle) – इस प्रकार का कोण 90 डिग्री का होता है। आयत और वर्ग की भुजाओं के मध्य बना कोण समकोण (Right Angle) ही होता है। समकोण त्रिभुज में आधार और लम्ब से 90 डिग्री का कोण बनता है।

4. अधिककोण (Obtuse Angle) – यह कोण माप में 180 डिग्री से कम तथा 90 डिग्री से ज्यादा होता है। इस प्रकार का कोण अधिककोण (Obtuse Angle) कहलाता है।

5. सरल रेखीय या ऋजु कोण (Straight Angle) – इस प्रकार के कोण का माप 180 डिग्री होता है। इसमें दोनों रेखाएं OA और OB विपरीत दिशा में होती है। वृत में इस कोण को π से दर्शाया जा सकता है। π = 180°।

6. वृहतकोण (Reflex Angle) – इस कोण का माप 360 डिग्री से कम तथा 180 डिग्री से ज्यादा होता है।

7. पूर्णकोण (Complete Angle) – 360 डिग्री माप वाले कोण को पूर्णकोण (Complete Angle) कहते है। इसमें रेखा पूरे 360 डिग्री का रोटेशन लेती है। एक सरल रेखा 360 डिग्री घूमकर वापस अपनी प्रारंभिक स्थिति में पहुंचती है। वृत में इसे 2π से भी दर्शा सकते है। π = 180°।

अन्य महत्वपूर्ण कोणों के नाम Angles Name

दोस्तों, इन 7 कोणों के अलावा भी कुछ और महत्वपूर्ण ज्योमितिय कोण होते है।

  • संपूरक कोण (Supplementary Angle) – अगर कोई भी दो कोणों का योग 180 डिग्री होता है तो वे कोण संपूरक कहलाते है।
  • पूरक कोण (Complementary Angle) – अगर कोई भी दो कोणों का योग 90 डिग्री यानिकि समकोण के बराबर होता है तो ये कोण पूरक होते है।
  • शीर्षाभिमुख कोण (Head Angle) – इस प्रकार के कोण तब बनते है जब दो सरल रेखाएं एक दूसरे को किसी बिंदु पर काटती है। बिंदु पर आमने सामने की और बना कोण ही शीर्षाभिमुख कोण (Head Angle) कहलाता है।

कुछ महत्व ज्यामितीय आकृतियों में बनने वाले कोण के नाम –

  • आयत और वर्ग (Rectangular And Square) – आयत की भुजाओं के मध्य समकोण (90°) बनता है। इसमें 4 समकोण होते है।
  • त्रिभुज (Triangle) – समकोण त्रिभुज में एक कोण 90 डिग्री और दो कोण 45 डिग्री के होते है। समबाहु त्रिभुज में प्रत्येक कोण 60 डिग्री होता है।
  • वृत (Circle) – वृत के अंदर भी त्रिज्याओं से कोण बनते है।

अन्य महत्वपूर्ण पोस्ट्स –

Note – इस पोस्ट Types Of Angles In Hindi में कोण क्या है (What Is Angle) और कोणों के प्रकार पर जानकारी आपको कैसी लगी। यह आर्टिकल “कोण के प्रकार व नाम Angles Name In Hindi” अच्छा लगा हो तो इसे शेयर भी करे।

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