बांस का पेड़ की रोचक जानकारी Bamboo Tree In Hindi

इस पोस्ट Information About Bamboo Tree In Hindi में बांस का पौधा या पेड़ की रोचक जानकारी दी गई है। बांस एक व्यवासायिक उपयोगी पौधा है। बांस का पौधा अपने लम्बे तने के कारण प्रसिद्ध है। बांस धरती पर सबसे तेज बढ़ने वाला पेड़ भी है। इस पौधे की खेती दुनियाभर में की जाती है। बांस के बारे में रोचक जानकारी देने का सामान्य प्रयास इस पोस्ट “Bamboo Plant Information In Hindi” में है।

Information About Bamboo Tree In Hindi

बांस का पौधा की जानकारी Information About Bamboo Tree In Hindi

1. बांस के पेड़ (Bamboo Tree) दुनियाभर में पाए जाते है। अमेरिका, एशिया, अफ्रीका महाद्वीपों में बांस के वन मिलते है। करीब 1500 बांस की प्रजातियां दुनियाभर में पाई जाती है। एशिया में भारत, चीन, जापान इत्यादि देशों में बांस के विस्तृत वन है। यूरोप और अंटार्कटिका में यह पौधा नही पाया जाता है।

2. बांस के मुख्य प्रकार Types Of Bamboo Tree In Hindi

  • Clumping Bamboo – इस प्रकार के बांस के पौधे कलमी तरीके से विकसित होते है। इनकी जड़े छोटी होती है।
  • Running Bamboo – इस प्रकार के बांस राइजोम (जड़ों) से विकसित होते है। बांस के राइजोम भूमिगत फैलते है जिनसे ही दूसरा बांस का पौधा पनपता है। बांस के पौधे के पास ही दूसरा Bamboo Grow कर जाता है।

3. फेंगशुई बांस, बुद्धा बैली बम्बू, चाइनीस फाउंटेन बम्बू, जापानीज बांस, ब्लैक बांस इत्यादि बांस प्रजातियां है जो प्रसिद्ध है। भारत में मिलने वाली मुख्य बांस प्रजाति में बिहार बांस, वेदुर बांस, पीला धारीदार बांस आती है।

4. बांस का पौधा घास फैमिली से आता है। परन्तु पेड़ की तरह होने के कारण इसे बांस का पेड़ (Bamboo Tree) भी कहते है।

5. बांस का पेड़ किसी भी प्रकार की जलवायु में लग सकता है। मुख्यतः उष्णकटिबंधीय जलवायु बांस की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

6. इसकी खेती करने में अधिक मुश्किलें नही आती है। बांस पौधे की अधिक देखरेख की आवश्यकता नही होती है। चाहे सूखा हो या अधिक वर्षा, बांस हर प्रकार की परिस्थिति झेल सकता है। और हां बांस के पौधे को अलग से खाद देने की भी आवश्यकता नही है। यह अपनी पत्तियों से ही खाद बनाता है।

बांस का पेड़ Bamboo Plant Information In Hindi

7. इस पौधे का सबसे उपयोगी भाग तना है। बांस का तना लम्बा और खोखला होता है। तने पर कई सारी पर्वसंधि होती है जो इसे बराबर भागों में बांटती है। ये संधि गांठ के समान होती है।

8. बांस का पौधा तेज गति से बढ़ता है। कुछ बांस की प्रजातियां एक दिन में ही 1 मीटर तक बढ़ जाती है। बांस दुनिया का सबसे तेज गति से बढ़ने वाला पौधा है।

9. बांस के पौधे की लम्बाई उसकी प्रजाति पर निर्भर करती है। सबसे अधिक ऊंचाई की बांस प्रजाति 50 मीटर की है। कुछ बांस के पौधे केवल कुछ सेंटीमीटर ही बढ़ पाते है।

10. बांस के पौधे को अंग्रेजी भाषा में “Bamboo” भी कहते है। मराठी में बाम्बू जबकि तेलुगु में वेदुरू कहते है।

11. बांस के पौधे पर सफेद रंग के फूल आते है। परन्तु आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बांस के पौधे पर फूल आने में सालों लग जाते है। और पौधे के पूरे जीवनकाल में केवल एक बार ही फूल आते है। कई प्रजातियों पर तो फूल कभी भी नही आते है।

12. बांस से कई प्रकार के वाद्य यंत्र भी बनाये जाते है। इनमें बांसुरी, वीणा मुख्य है। “Bamboo” मलय भाषा के शब्द मम्बू से आया है।

13. कई जंगली जानवर है जो बांस को भोजन के रूप में खाते है। पांडा जानवर का यह मुख्य और पसंदीदा भोजन है। मेडागास्कर के जंगलों में पाए जाने वाले लंगूर भी बांस खाते है।

14. भारत सरकार ने राष्ट्रीय बम्बू मिशन (NBM) के अंतर्गत बांस की पैदावार बढ़ाने का निश्चय किया है। इस मिशन के तहत मीठे बांस का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है।

15. बांस का पौधा समकक्ष पौधों की तुलना में ज्यादा जीता है। इसलिए बांस को काटने पर यह ज्यादा तेज गति से वापस बढ़ता है।

बांस का पेड़ के उपयोग और फायदे Uses Of Bamboo Tree In Hindi

16. इस पौधे का व्यवसायिक इस्तेमाल भी किया जाता है। इसका तना बहुउपयोगी होता है। बांस के तने से लकड़ी के मकान भी बनाये जाते है। बांस से कागज भी बनता है। कई प्रकार के घरेलू फर्नीचर बांस की लकड़ी से बनते है।

17. यह पौधा अन्य पेड़ो से अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है। बांस अन्य पेड़ो के मुकाबले ज्यादा मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करता है। इसी कारण पर्यावरण की दृष्टि से बांस के पेड़ उपयोगी है। एक तरह से कहे तो बांस पर्यावरण को शुद्ध करता है।

18. बांस के पौधे को भारतीय संस्कृति में उन्नति का पौधा माना जाता है। इसे सम्रद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। भारत में विवाह मंडप के पास बांस के पौधे भी लगाए जाते है। वास्तुशास्त्र में बांस को शुभ माना जाता है।

19. हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार बांस को जलाना अशुभ है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी मान्यता के मुताबिक बांस जलाने से पितृदोष लगता है। कृष्ण बांस की लकड़ी से बनी बांसुरी बजाते थे। इसलिए बांस की लकड़ी को जलाना अशुभ मानते है। ऐसा भी माना जाता है कि जहां बांस का पौधा होता है, वहां बुरी आत्माएं नही आती है।

20. एक वैज्ञानिक कारण भी है कि बांस को नही जलाना चाहिए। बांस जलने पर जहरीला धुंआ छोड़ते है। बांस में कुछ प्रदूषित धातुएं होती है जिनके जलने पर ऑक्साइड बन जाते है।

21. बाग बगीचों में सौंदर्यीकरण के लिए भी बांस का पौधा लगाया जाता है। यह पौधा तेजी से ग्रोथ करता है और दिखने में भी सुंदर होता है। यही मुख्य कारण है कि “Bamboo Tree” बगीचे की शोभा बढ़ाता है।

बांस के फायदे की जानकारी

22. बांस के फूल चावल के दाने के बराबर फलों में विकसित होते है। दुनिया के कई इलाकों में बांस के चावलों को खाया भी जाता है। खासकर भारत और चीन में इन्हें खाते है।

23. आपको जानकर हैरानी होगी की बांस की लकड़ी स्टील से भी ज्यादा मजबूत होती है। बम्बू में प्रत्यास्थता का गुण होता है जिससे वह लोड पड़ने पर मुड़ जाता है लेकिन टूटता नही है। इसी गुण के कारण बांस की लकड़ी के खिलौने, टूथब्रश इत्यादि बनाये जाते है। बम्बू ट्री से साईकल भी बनाई जाती है। भारत जैसे देशों में बम्बू की लकड़ी से पुल भी बनाये जाते है।

24. मीठे बांस को खाया भी जाता है। इस बांस का अचार इत्यादि बनाया जाता है। वैसे बम्बू में जहरीले टोक्सिन होते है, इस कारण मीठे बांस को अधिक तापमान पर उबालना जरूरी है।

25. बांस के पौधे का जीवनकाल ज्यादा से ज्यादा 100 वर्ष होता है। कुछ प्रजाति केवल 2 से 3 वर्ष ही जी पाती है।

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Note – बांस का पेड़ की जानकारी और बांस के फायदे उपयोग क्या है? इस पोस्ट Information About Bamboo Tree In Hindi में आपको कैसे लगे। यह आर्टिकल “Bamboo Plant Information In Hindi” अच्छा लगा हो तो इसे शेयर भी करे।

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