Information About Banyan Tree In Hindi बरगद का पेड़

इस पोस्ट Information About Banyan Tree In Hindi में बरगद का पेड़ की जानकारी (Bargad Ka Ped In Hindi) और महत्व के बारे में बताया गया है। बरगद एक विशाल वृक्ष है जिसकी लम्बी और मजबूत शाखाएं होती है। बरगद का वृक्ष बहुतायत से दुनियाभर में पाया जाता है। बरगद के पेड़ को इसकी जड़ें खास बनाती है। इस विशाल वृक्ष की पत्तियां चौड़ी और बड़ी होती है। तो आइए दोस्तों, बरगद पेड़ के बारे में जानकारी (Bargad Tree In Hindi) लेने का प्रयास करते है।

Information About Banyan Tree In Hindi

बरगद का पेड़ Information About Banyan Tree In Hindi –

1. यह वृक्ष भारत के साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश, बर्मा, मलेशिया जैसे दक्षिण एशियाई देशों में भी पाया जाता है। बरगद एशियाई मूल का पेड़ है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रो में खासकर बरगद का वृक्ष मिलता है। बरगद को अंग्रेजी में “Banyan Tree” भी कहते है।

2. बरगद का वृक्ष (Banyan Tree) विशाल, घना और लम्बा होता है। बरगद की जड़े भी लम्बी और विशाल होती है। इसकी जड़ें शाखाओं से निकलकर जमीन में चली जाती है। बरगद के पेड़ की शाखाओं से जड़े हवा में लटकती हुई दिखाई पड़ती है। इन जड़ो को प्राप कहते है। बरगद का पेड़ छायादार होता है जिसकी छाया तेज धूप से बचाती है। इस पेड़ के नीचे गर्मी में भी ठंडक का एहसास होता है।

3. बरगद का तना मजबूत और सीधा होता है। इसके तने के ऊपर की परत चिकनी और भूरे रंग की होती है। बरगद की पत्तियां बड़ी और हरे रंग की होती है। पत्तियों का आकार अंडाकार होता है। इस पेड़ पर नई पत्तियां लाल रंग की होती है।

4. इस वृक्ष के फल भी लगते है। फल पकने पर लाल रंग के हो जाते है। कई पक्षी इन फलों से भोजन प्राप्त करते है। फलों में छोटे आकार के बीज भी पाए जाते है।

5. बरगद का पेड़ करीब 20 मीटर से ज्यादा ऊंचाई का होता है। करीब 100 मीटर के एरिया में बरगद का वृक्ष फैला होता है। बरगद का पेड़ किसी दूसरे वृक्ष पर बढ़ता है। कम बारिश या सूखा आने पर भी बरगद का वृक्ष हरा भरा रहता है।

6. बरगद के वृक्ष की शाखाओं, पत्तियों को तोड़ने पर दूध जैसा सफेद रंग का प्रदार्थ प्राप्त होता है। इस दूधिया प्रदार्थ को लेटेक्स अम्ल कहते है। यह लेटेक्स आर्युवेद में इस्तेमाल किया जाता है।

Bargad Ka Ped In Hindi बरगद का पेड़ की जानकारी –

7. बरगद पेड़ (Banyan Tree) की पत्तियों को जानवर खाते है। जीव जंतुओं के लिए बरगद का वृक्ष भोजन का स्रोत है। जीव जंतु इस पेड़ की छाया में निवास करते है। पक्षी इसकी डालियों पर घोंसला बनाते है।

8. इस पेड़ की छाल, पत्तियों से कई प्रकार की औषधी बनाई जाती है। कई रोगों में उपचार के लिए बरगद की छाल और दूध का उपयोग किया जाता है। Information About Banyan Tree In Hindi

9. बरगद पर कई पक्षियों और जीवों का निवास होता है। बरगद के पेड़ को संस्कृत में वट वृक्ष भी कहते है। बरगद का पेड़ ऑक्सीजन भी देता है। कई अन्य पेडो के मुकाबले यह ऑक्सीजन का रिच सोर्स है।

10. बरगद के पेड़ का दूध का इस्तेमाल दस्त और बवासीर रोग में होता है। बरगद के फायदे में दांतो की मजबूती और चमक भी आती है। इसकी नई पत्तियों को चबाने से दांतों के मंसूडे मजबूत होते है। बरगद के पेड़ की छाल, पत्तियां और दूध स्वास्थ की दृष्टि से अच्छे होते है। इनसे कई प्रकार की दवाइयां बनती है।

11. हिन्दू धर्म में बरगद के वृक्ष का अत्यधिक महत्व है। हिन्दू महिलाएं बरगद के पेड़ पर धागे बांधकर मन्नत मांगती है। बरगद के पेड़ की पूजा हिन्दू मान्यता में श्रेस्ठ मानी जाती है। बरगद के पेड़ को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। इस पेड़ को अमर वृक्ष भी कहा जाता है। बरगद को काटना हिन्दू धर्म में पाप है। ऐसा माना जाता है कि बरगद के पेड़ पर देवी देवताओं का वास होता है।

12. प्राचीन समय में ऋषि मुनि, साधु संत बरगद वट वृक्ष के नीचे ही गुरु ज्ञान दिया करते थे। बरगद के वृक्ष को आम भाषा में बड़ भी कहते है। भगवान बुद्ध को भी आत्मज्ञान की प्राप्ति बरगद वृक्ष के नीचे ही हुई थी।

बरगद का पेड़ की जानकारी Banyan Tree Information In Hindi –

13. बरगद का वृक्ष (Banyan Treeभारत देश का राष्ट्रीय वृक्ष भी है। भारत में यह पेड़ बहुत अधिक मिलता है, यही कारण है कि इसे राष्ट्रीय वृक्ष का दर्जा मिला हुआ है। वर्ष 1950 में बरगद को राष्ट्रीय वृक्ष घोषित किया गया था।

14. दुनिया का सबसे विशाल बरगद का वृक्ष “द बनियान ट्री” भारत के कोलकाता में मौजूद है। कोलकाता के आचार्य जगदीश चन्द्र बोस बॉटनीकल गार्डन में द ग्रेट बनियान ट्री (The Great Banyan Tree) मौजूद है। इस पेड़ की उम्र करीब 250 वर्ष मानी जाती है। यह बरगद का वृक्ष इतना बड़ा है कि दिखने में एक जंगल लगता है। इस वृक्ष का फैलाव करीब 14.4 वर्ग किलोमीटर में है।

15. Information About Banyan Tree In Hindi – बरगद का पेड़ लम्बी आयु वाला होता है। इसका जीवनकाल कई सौ वर्षों तक का होता है। आज भी हजारों वर्षो से बरगद के पेड़ भारत देश में मौजूद है। इसलिए बरगद को दीर्घवर्षीय वृक्ष भी कहा जाता है।

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