न्यूट्रॉन की खोज व जानकारी Neutron Ki Khoj Kisne Ki

Neutron Ki Khoj Kisne Ki

Neutron Ki Khoj Kisne Ki पोस्ट में न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी और न्यूट्रॉन क्या है (What Is Neutron In Hindi) पर जानकारी है। न्यूट्रॉन की खोज ने परमाणु सिद्दांत में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। न्यूट्रॉन प्रदार्थ के सबसे छोटे कण परमाणु का एक भाग है। परमाणु में नाभिक, प्रोटोन, इलेक्ट्रॉन के साथ ही न्यूट्रॉन भी होता है। न्यूट्रॉन एक आवेशरहित कण है जिसके बारे में विस्तृत जानकारी लेने का प्रयास यहां पर किया गया है।

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी Neutron Ki Khoj Kisne Ki

न्यूट्रॉन की खोज (Neutron Ki Khoj) वर्ष 1932 में जेम्स चैडविक ने की थी। इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन की खोज के बाद वैज्ञानिक लगातार किसी तीसरे कण का अनुमान लगा रहे थे। अर्नेस्ट रदरफोर्ड के प्रोटोन की खोज बाद न्यूट्रॉन की खोज की गई थी। लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कार्य करते हुए उन्होंने पता लगाया कि परमाणु में एक आवेशरहित कण भी पाया जाता है। जेम्स चैडविक ने इस कण को “न्यूट्रॉन” का नाम दिया।

वर्ष 20 अक्टूबर, 1891 में जन्मे जेम्स चैडविक ने अपने प्रयोगों के दौरान बेरेलियम नामक तत्व पर अल्फा कणों की बौछार की थी। इससे एक विकिरण उत्पन्न हुई जिसका कारण किसी आवेशरहित कण को माना गया। न्यूट्रॉन की इस महान खोज ने जेम्स चैडविक को वर्ष 1935 का नोबेल पुरस्कार भी दिलाया था। चैडविक ने यह भी बताया कि न्यूट्रॉन की संख्या के आधार पर किसी भी तत्व के समस्थानिक बनते है।

परमाणु में प्रोटोन की खोज के बाद रदरफोर्ड ने बताया था कि परमाणु क्रमांक प्रोटोन की संख्या के बराबर होता है। परन्तु परमाणु भार प्रोटोन की संख्या से ज्यादा आ रहा था। इससे यह अनुमान लगाया गया कि परमाणु के नाभिक में प्रोटोन के अतिरिक्त एक और कण है। जेम्स चैडविक ने इसी अतिरिक्त कण न्यूट्रॉन की खोज की थी।

न्यूट्रॉन क्या है What Is Neutron In Hindi –

Neutron Ki Khoj Kisne Ki – न्यूट्रॉन क्या है और इसके गुण के बारे जानने का प्रयास करते है। न्यूट्रॉन परमाणु का एक मूलभूत कण है जो आवेशरहित होता है। न्यूट्रॉन पर ना तो धनावेश है और ना ही ऋणावेश है। एक तरह से कहे तो न्यूट्रॉन उदासीन कण है जिस पर 0 चार्ज होता है। यह कण परमाणु के नाभिक पर पाया जाता है। परमाणु का धनावेश कण प्रोटोन और ऋणावेश कण इलेक्ट्रान है। प्रोटोन और न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक का निर्माण करते है। नाभिक परमाणु का केंद्रीय भाग है। इस नाभिक के चारो तरफ इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते है।

हाइड्रोजन के परमाणु के अलावा न्यूट्रॉन सभी तत्वों में मिलता है। न्यूट्रॉन तीन प्राथमिक कणों से मिलकर बनता है। इनमें दो डाउन क्वार्क और एक अप क्वार्क होता है। न्यूट्रॉन को “n” चिन्ह के द्वारा दर्शाया जाता है।

किसी भी परमाणु का भार उसके प्रोटोन की संख्या और न्यूट्रॉन की संख्या के योग के बराबर होता है। परमाणु के प्रोटोन की संख्या को परमाणु क्रमांक भी कहते है। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटोन से कुछ अधिक होता है। सामान्यता परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या प्रोटोन की संख्या के बराबर होती है। कुछ परमाणु में प्रोटोन और न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न हो सकती है। मुख्यतः ये परमाणु किसी भी तत्व के समस्थानिक होते है।

जैसे कार्बन 12 तत्व में प्रोटोन 6 और न्यूट्रॉन भी 6 होते है। परन्तु कार्बन के समस्थानिक कार्बन 14 में प्रोटोन की संख्या 6 और न्यूट्रॉन की संख्या 8 होती है। न्यूट्रोन की संख्या के आधार पर किसी भी तत्व के समस्थानिक का पता लगाया जा सकता है।

न्यूट्रॉन के बारे में जानकारी Neutron Ki Khoj In Hindi –

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी Neutron Ki Khoj Kisne Ki – न्यूट्रॉन कणों का इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जाता है। परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए परमाणु संलयन और परमाणु विखंडन में न्यूट्रॉन का उपयोग होता है। परमाणु पर न्यूट्रॉन कणों की बौछार करके ही विखंडन क्रिया होती है। प्रोटोन और न्यूट्रॉन को सम्मिलित रूप से न्यूक्लियस कहा जाता है। परमाणु के नाभिक से न्यूट्रॉन का उत्सर्जन भी होता है। इन परमाणुओं के तत्वों को रेडियोएक्टिव तत्व कहते है। न्यूट्रोन उत्सर्जन की प्रक्रिया में नया तत्व ना बनकर उस तत्व का समस्थानिक बनता है। न्यूट्रॉन क्या है और इसकी खोज से संबंधित जानकारी संक्षिप्त में है।

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