सिकंदर की जीवनी और कहानी Alexander The Great In Hindi

Alexander The Great In Hindi

यह पोस्ट Alexander The Great In Hindi सिकंदर की जीवनी (Sikandar History In Hindi) और सिकंदर की कहानी (Alexander Story) पर आधारित है। सिकंदर मकदूनिया का शासक था जिसने विश्व विजेता बनने का सपना देखा था। ग्रीक लोगो के द्वारा ज्ञात उस समय दुनिया की भूमि का लगभग आधा भाग सिकंदर जीत चुका था। दुनिया जितने का दम भरने वाला सिकंदर भारत नही जीत सका। सिकंदर को महान विश्व विजेता भी कहते है। तो आइए दोस्तों, अलेक्जेंडर द ग्रेट यानी कि सिकंदर की जीवनी (Alexander The Great Biography In Hindi) और इतिहास जानने का प्रयास करते है।

सिकंदर महान की जीवनी Alexander The Great In Hindi

ग्रीक इतिहासकारों ने सिकंदर (Alexander The Great) को महान और विश्व विजेता बताया था लेकिन चीन और ईरान के इतिहास में इसका बिल्कुल उलट है। यह दुनिया की मान्यता है कि प्रत्येक देश अपने राजाओं को महान बताते है। परंतु यह भी सत्य है कि बहुत कम उम्र में सिकंदर ने कई युद्ध जीते थे। यह इस बात का सबूत है की वो बहादुर और कुशल योद्धा था। ग्रीक इतिहास में आता है कि अलेक्जेंडर के जन्म के समय डायना मंदिर में आग लग गयी थी। ज्योतिषों ने इसे देखते हुए सिकंदर के बारे में विश्व विजेता बनने की भविष्यवाणी की थी।

सिकंदर का जन्म 356 ईसा पूर्व का माना जाता है। उसके जन्म स्थान का नाम पेला था जो ग्रीक में आता था। पिता का नाम फिलिप द्वितीय और माता का नाम ओलंपिया था। सिकंदर का असली नाम अलेक्जेंडर द ग्रेट था। बचपन से ही सिकन्दर महत्वकांक्षी था। वह हर वक्त कुछ ना कुछ सीखता था। सिकन्दर को आराम बिल्कुल पसंद नही था। उसका मकसद शासन करने से ज्यादा युद्ध करके जीत हासिल करना था। सिकंदर के पिता फिलिप की मृत्यु सिकंदर की 20 वर्ष की आयु में हो गयी थी। पिता की मृत्यु के बाद सिकंदर मेसेडोनिया (मकदूनिया) राज्य का शासक बना था।

अलेक्जेंडर द ग्रेट ने अपने गुरु महान दार्शनिक अरस्तु से शिक्षा ग्रहण की थी। उसकी उम्र मात्र 13 वर्ष थी जब अरस्तु को शिक्षा के लिए नियुक्त किया गया था। अरस्तु ने सिकंदर को साहित्य, दर्शनशास्त्र और विज्ञान की शिक्षा दी। ऐसा माना जाता है कि सिकंदर को विश्व विजेता बनने का सपना अरस्तु ने ही दिखाया था। प्रारंभिक शिक्षा द स्टर्न लियोनिडास से हुई थी। इनसे सिकंदर ने तलवारबाजी, धर्नुविद्या और घुड़सवारी की ट्रेनिंग ली थी।

सिकंदर की कहानी Sikandar History In Hindi –

सिकंदर (Alexander The Great) महान विश्व विजेता बनने का सपना लेकर एशिया की तरफ बढ़ा था। उससे पहले सिकंदर ने अपने आसपास के राज्यों को जीता था। उसकी सेना विशाल होने के साथ ही कुशल भी थी। सिकंदर की सबसे बडी जीत उस समय के सबसे बड़े साम्राज्य फारस “पर्शिया” को जीतना था। यह साम्राज्य सिकंदर के राज्य से करीब 40 गुना बढ़ा था। लेकिन उसने अपनी बहादुरी और युद्धकौशल से जीत हासिल की थी। फारसी साम्राज्य में आज का ईरान, मिस्र, इराक, सीरिया इत्यादि आते है। यह भी एक कारण था कि सिकंदर को ग्रीक इतिहास में महान विश्व विजेता कहा गया है।

फारस से युद्ध के वक्त वहाँ का शासक शाह दारा था। सिकंदर द ग्रेट ने शाह दारा से तीन बार युद्ध किया और हर युद्ध में उसे विजय मिली थी। बाद में शाह दारा ने अपनी पुत्री रुक्साना का विवाह सिकंदर से कर दिया था। ग्रीक के लोगो को उस वक्त दुनिया के जितने हिस्से की जानकारी थी, उसमें से लगभग आधे से ज्यादा हिस्सा अलेक्जेंडर ने जीता था। यही एक कारण है कि ग्रीक इतिहास में उसे विश्व विजेता कहा जाता है।

अलेक्जेंडर द ग्रेट ने पर्शियन साम्राज्य के अलावा एथेंस, पेलेस्टाइन और एशिया के कुछ राज्यों को भी जीता था। एशिया में मुख्यतः उसने तुर्क राज्य को जीता था। सिकंदर ने सिंधु नदी से पहले का भारत जीत लिया था।

सिकंदर का भारत आगमन और इतिहास Alexander History And Story In Hindi –

सिकंदर (Sikandar) ने भारत पर आक्रमण 326 ईसा पूर्व किया था। उसका भारत में सबसे पहला सामना तक्षशिला के राजा अंभी से हुआ था। अंभी अलेक्जेंडर से बिना लड़े ही हार गया और उसने सिकंदर से संधि कर ली थी। भारत के पंजाब प्रांत में झेलम नदी के पास उस वक्त राजा पोरस का शासन था। राजा पोरस का असली नाम पुरु था और वह एक शक्तिशाली शासक था। पोरस ने अपनी वीरता और पराक्रम से सिकंदर को रोकने की कोशिश की लेकिन सिकंदर की कुशल सेना के सामने वो हार गया।

ग्रीक इतिहास के अनुसार राजा पोरस की हार हुई थी। सिकंदर ने जीत के बाद भी पोरस से हाथ मिलाया और संधि की। उसने राजा पोरस को उसका राज्य वापस दे दिया और मित्रता स्वीकार की। इतिहास में सिकंदर और राजा पोरस के मध्य हुआ यह युद्ध विशेष स्थान रखता है। पोरस के अलावा पश्चिमी भारत के ज्यादातर राजाओं ने सिकंदर की अधीनता बिना लड़े ही स्वीकार की थी। पोरस की महानता का अंदाजा इसी बात से हो जाता है कि उसने सिकन्दर की अधीनता स्वीकार नही की और राज्य की रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता चुना।

सिकंदर इस जीत के बाद आगे बढ़ना चाहता था लेकिन व्यास नदी के पार मगध साम्राज्य की विशाल सेना देखकर वह वापस पलट गया। इतिहास में यह भी आता है कि उसकी सेना थक चुकी थी। इसलिए उसे वापस लौटना पड़ा। पश्चिमी भारत के कठ गणराज्य से भी सिकन्दर की लड़ाई हुई थी जिसमे उसकी जीत हुई। कठ जाति के लोगो ने बहादुरी के साथ सिकंदर का सामना किया और सिकंदर की सेना को भारी नुकसान हुआ।

अलेक्जेंडर द ग्रेट की जीवनी और कहानी Sikandar Biography In Hindi –

सिकंदर महान (Alexander The Great In Hindi) ने अपने जीवन में कई युद्ध जीते थे। उसकी सेना छोटी थी लेकिन युद्ध कौशल और पराक्रम के बलबूते उसने बड़े से बड़े साम्राज्य जैसे कि फारस को भी जीत लिया था। सिकंदर का जीवन बहुत कम था। मृत्यु के समय उसकी उम्र मात्र 32 वर्ष थी। युद्ध के बाद वापस लौटते वक्त उसकी मलेरिया के कारण 323 ईसा पूर्व मौत हुई थी। सिकंदर की मृत्यु का स्थान बेबीलोन था। बहुत ही कम उम्र में कई राज्यो को उसने जीता था, यही एक कारण था कि उसे महान कहा जाता है।

सिकन्दर महान ने 327 ईसा पूर्व अलेक्जेंड्रिया नामक शहर स्थापित किया था। सिकंदर की मृत्यु के बाद उसके जीते हुए सारे राज्य वापस बिखर गए। सिकंदर की आखिरी इच्छा के मुताबिक उसकी अर्थी पर कफ़न के बाहर उसके दोनों हाथ निकाले गए थे। सिकंदर ने यह इच्छा इसलिए व्यक्त की थी कि दुनिया देखे की जाते वक्त उसके हाथ खाली है। इसका अर्थ यह है कि दुनिया में खाली हाथ आना है और खाली हाथ ही जाना है। दुनिया से कुछ भी लेकर नही जाना है।

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नोट – इस पोस्ट Alexander The Great In Hindi में सिकंदर की जीवनी (Sikandar History In Hindi) और सिकंदर की कहानी (Alexander Story In Hindi) का इतिहास व जानकारी आपको कैसी लगी। यह आर्टिकल “Sikandar In Hindi” अच्छा लगा हो तो इसे शेयर भी करे।

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