दशहरा क्यों मनाया जाता है Dussehra Story In Hindi

दशहरा क्यों मनाया जाता है Dussehra Kyu Manaya Jata Hai

इस पोस्ट Dussehra Story In Hindi में दशहरा क्यों मनाया जाता है (Dussehra Kyu Manaya Jata Hai)? के बारे में जानकारी है। इसके पीछे हिन्दू धार्मिक ग्रंथ रामायण की कथा है। भगवान राम के लंका राज्य पर विजय की यह कथा है। देवी दुर्गा से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी है जो असत्य पर सत्य की जीत मानी जाती है। दशहरा पर्व पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा क्यों मनाते हैं (Dussehra Kyu Manate Hai) ? तो आइए दोस्तों जानने का प्रयत्न करते है।

Dussehra Story In Hindi

दशहरा पर्व की कहानी और महत्व Dussehra Story In Hindi

हिन्दू धर्म में दशहरा पर्व का खास स्थान है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को “विजयादशमी” का पर्व मनाया जाता है। दशहरा शब्द की उत्पत्ति “दश – हर” से हुई है जिसका अर्थ “दस बुराई से छुटकारा पाना” है। इस पर्व से जुड़ी दो मुख्य पौराणिक मान्यता और कथा है। एक कथा के अनुसार देवी दुर्गा ने 9 दिनों तक महिषासुर नामक राक्षस से युद्ध करके उसे हराया था। इसी उपलक्ष्य पर हिन्दू धर्म को मानने वाले प्रत्येक वर्ष विजयादशमी का त्योहार मनाते है।

दूसरी मुख्य कथा जिसे खासकर उत्तर भारत में अधिक मान्यता प्राप्त है। हिन्दू धार्मिक ग्रँथ रामायण के मुताबिक भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम ने राक्षस और लंका के राजा रावण को युद्ध में हराकर पाप का अंत करके विजय प्राप्त की थी। कहानी के अनुसार रावण ने सीताहरण किया था और यही उसके अंत का कारण बना। बुराई पर अच्छाई की जीत की इस खुशी में हर वर्ष दशहरा मनाया जाता है।

रामायण कथा के अनुसार दशहरा Dussehra Kyu Manate Hai –

Dussehra Story In Hindi – रामायण की कथा के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ रघुवंशी कुल के थे। राजा दशरथ की तीन पत्नियां थी जिनका नाम कौशल्या, कैकयी, सुमित्रा था। कौशल्या से राजा दशरथ के यहां भगवान राम ने जन्म लिया था। कैकयी से भरत पुत्र और सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था। श्रीराम का विवाह मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री सीता से हुआ था। कैकयी ने राजा दशरथ से वचन स्वरूप श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजपाट मांगा था। राजा दशरथ ने ना चाहते हुए भी वचनबद्ध होकर वनवास दे दिया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने भी पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए। उनके साथ पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण भी वनवास को गए थे।

दूसरी और लंकापति रावण राक्षस प्रवृत्ति का था। रावण के पिता का नाम विशर्वा था। वो चारो वेदों का ज्ञाता था और महान सोने की लंका पर राज करता था। रावण भगवान शिव का अपार भक्त था और उसे वरदान भी मिला हुआ था। एक तरह से कहे तो रावण उस वक्त का सबसे शक्तिशाली औए बुद्धिमान राजा था। रावण अहंकारी स्वभाव का था जो उसके अंत का कारण बना।

वनवास के दौरान रावण माता सीता का अपहरण कर लेता है। साधु के वेश में रावण सीता के पास पहुँचता है और माता सीता भिक्षा देने के लिए लक्ष्मण रेखा पार कर लेती है। रावण पुष्पक विमान में सीता को अपहृत करके लंका ले जाता है। वहा पर देवी सीता को केशव वाटिका में कैद करके रखता है।

दशहरा क्यों मनाया जाता है Dussehra Story In Hindi –

Dussehra Kyu Manaya Jata Hai – भगवान राम समुद्र पार करके रावण से युद्ध करते है और उनकी पत्नी सीता को उसके चंगुल से मुक्त करते है। इस युद्ध में श्रीराम का साथ हनुमान, वानरराज सुग्रीव और उसकी सेना देती है। रावण का भाई विभीषण भी राम का साथ देता है और यह वही था जिसने रावण की मृत्यु का राज बताया था। रावण का साथ उसके दूसरे भाई कुम्भकर्ण और पुत्र मेघनाथ ने दिया था। युद्ध के दौरान रावण का सर कटने के बाद दूसरा आ जाता था। ऐसा माना जाता है कि रावण के दस सर थे। इसी रामायण कथा के अनुसार हनुमान जी लक्षण को बचाने के लिए संजीवनी पर्वत उठा लाये थे।

भगवान राम और राक्षस रावण के मध्य यह युद्ध कई दिनों तक चला था। अंत में इस युद्ध में रावण का संहार करके श्रीराम ने विजय प्राप्त की थी। इस दिन अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी। हिन्दू धर्म को मानने वाले इसी दिन विजयदशमी का त्यौहार मनाते है। राम ने रावण के अहंकार को मिटाकर बुराई को हराया था।

चारों वेदों का ज्ञाता और बुद्धिमान रावण के अंहकार ने उसकी मति भ्रष्ट की थी। कथाओं में ऐसा भी आता है कि भगवान राम ने 9 दिन तक विजयकामना के तहत देवी चंडी की पूजा की थी। देवी ने प्रसन्न होकर श्रीराम को युद्ध में विजय का आशीर्वाद दिया था। ये 9 दिन नवरात्रा के माने जाते है और दसवें दिन राम ने रावण को युद्ध में पराजित किया था।

देवी दुर्गा से जुडी पौराणिक कथा Dussehra Kyu Manaya Jata Hai –

दशहरा क्यों मनाया जाता है Dussehra Story In Hindi – दूसरी प्रमुख पौराणिक कथा के अनुसार देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। कथा के मुताबिक महिषासुर ने शिवजी से वरदान प्राप्त करके स्वर्गलोक, भूलोक और पाताल लोक पर विजय प्राप्त कर ली थी। देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया गया था। देवता त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश के पास मदद के लिए गए लेकिन त्रिदेव भी महिषासुर को हराने में असफल रहे थे। तब त्रिदेव ने अपनी शक्तियों से देवी दुर्गा को उत्पन्न किया और अपने अस्त्र शस्त्र दिए।

कथा में आता है कि महिषासुर देवी दुर्गा पर मोहित हो गया था और उसने देवी दुर्गा को विवाह का प्रस्ताव दिया। देवी दुर्गा ने विवाह के लिए एक शर्त रखी कि यदि वह उन्हें युद्ध में हरा देगा तो विवाह मंजूर है। देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच 9 दिनों तक लगातार युद्ध चला। इस युद्ध में 9 वें दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध करके विजय प्राप्त की थी। इसलिए 9 दिनों तक नवरात्रि का त्योहार चलता है और दुर्गा पूजा की जाती है। 10 वें दिन विजय उत्सव मनाया जाता है। भारत के बंगाल, असम इत्यादि राज्यो में इसी कथा के अनुसार विजयदशमी मनाई जाती है।

दशहरा के दिन रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। भारत में कई जगहों पर 9 दिनों तक रामलीला का आयोजन होता है। विजयदशमी के दिन राम की रथ यात्रा भी निकलती है। दशहरा को शक्ति का पर्व भी कहते है। दशहरा त्योहार से हमें यह सीख मिलती है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों ना हो, जीत आखिर में अच्छाई की ही होती है।

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Note – Dussehra Story In Hindi पोस्ट में दशहरा क्यों मनाया जाता है (Dussehra Kyu Manaya Jata Hai) और दशहरा का पौराणिक महत्व की जानकारी आपको कैसी लगी। यह आर्टिकल “दशहरा क्यों मनाते हैं (Dussehra Kyu Manate Hai)” अच्छा लगा हो तो इसे फेसबुक और ट्विटर पर शेयर भी करे।

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