भगवान विष्णु के 10 अवतार Bhagwan Vishnu Avatar

भगवान विष्णु के 10 अवतार Bhagwan Vishnu Ke 10 Avatar In Hindi

इस पोस्ट Bhagwan Vishnu Avatar में भगवान विष्णु के 10 अवतार के नाम (Vishnu Ke 10 Avatar Ke Naam) और उनकी कथा बताई गयी है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के मुख्यतः 10 अवतार माने जाते है। वैसे तो हिन्दू धर्म ग्रन्थों में भगवान विष्णु के 24 अवतार है लेकिन यहां पर मुख्य 10 अवतारों की बात करेंगे। पौराणिक महत्व के मुताबिक हर युग में एक अवतार ने जन्म लिया है।

Bhagwan Vishnu Avatar

सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलयुग ये चार युग हिन्दू मत के अनुसार है। हिन्दू धर्म में अवतार की परिभाषा यह है कि ईश्वर खुद धरती पर राक्षसों का संहार करने के लिए अवतरित होते है। भगवान विष्णु के इन दस अवतारों को दशावतार के नाम से जाना जाता है। तो आइए भगवान विष्णु के 10 अवतार के नाम (10 Avatar Of Lord Vishnu In Hindi) और उनका महत्व जानने का प्रयास करते है।

विष्णुजी के दस अवतार 10 Avatar Of Bhagwan Vishnu In Hindi –

1. मत्स्य अवतार (Matsya Avatar) –

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने संसार को प्रलय से बचाने के लिए मत्स्य अवतार लिया था। मत्स्य का अर्थ मछली होता है। पौराणिक मान्यता और कथा के अनुसार सतयुग में सत्यव्रत (मनु) नामक राजा थे। भगवान विष्णु ने एक छोटी मछली का रूप लिया और नदी में चले गए। राजा सत्यव्रत सूर्यदेव को जल अपर्ण कर रहे थे, तभी उनकी अंजली यानीकि हाथों में एक छोटी मछली आ जाती है। ये भगवान विष्णु ही थे जो मछली के अवतार में थे।

सत्यव्रत उस मछली को वापस नदी में छोड़ने ही वाले थे कि मछली ने कहा: “आप मुझे सागर में मत डालिए, अन्यथा बड़ी मछलियां मुझे खा जायेगी”। मछली की यह बात सुनकर सत्यव्रत ने उसे अपने कमंडल में डाल लिया।

मत्स्य अवतार कथा Matsya Avatar Katha –

Bhagwan Vishnu Ke 10 Avatar In Hindi – राजा सत्यव्रत के घर पहुँचने तक वह मछली कमंडल के आकार की हो जाती है। सत्यव्रत उसे एक बड़े पानी के पात्र में रख देता है। मछली अब उस पानी के पात्र जितनी बड़ी हो जाती है। सत्यवत के आश्चर्य का ठिकाना नही रहा और उसने अब मछली को समुद्र में डाल दिया। देखते ही देखते वह मछली समुद्र जितनी बड़ी हो जाती है। सत्यव्रत समझ जाता है कि यह भगवान का कोई चमत्कार है।

राजा ने मछली से निवेदन किया कि वो अपने असली स्वरूप में दर्शन दे। मछली का रूप लिए हुए भगवान विष्णु प्रकट होते है। भगवान विष्णु ने राजा सत्यव्रत से कहा की आज से 7 वें दिन पूरे विश्व में एक प्रलय आएगी। में तुम्हारे पास एक बड़ी नाव भेजूंगा। तुम सप्तऋषि, औषधियों, बीजों और प्राणियों के जोड़ों को मेरी भेजी हुई नाव में संचित कर लेना। प्रलय के दिन सत्यव्रत ऐसा ही करते है। मत्स्य रूपी भगवान विष्णु वासुकी नाग का एक सिरा नाव से बांध देते है। नाग का दूसरा सिरा खुद से बांधते है। भगवान के कहे अनुसार सत्यव्रत और बाकी के जीव इस नाव पर चढ़ जाते है। ब्रह्मा सृष्टि में प्रलय लाते है और सत्यव्रत सुमेरु पर्वत की तरफ प्रस्थान करते है।

भगवान विष्णु के अवतार के नाम Vishnu Ke 10 Avatar Ke Naam –

2. कूर्म अवतार (Kurma Avatar) –

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु ने कछुए का अवतार लिया था। इस अवतार के द्वारा समुद्र मंथन में देवताओ की सहायता की थी। कथा के अनुसार महर्षि दुर्वासा ने देवराज इंद्र को श्राप दिया था। इस वजह से उसका राजपाट चला गया। देवता इंद्र भगवान विष्णु के पास मदद के लिए जाते है। भगवान विष्णु ने उन्हें असुरों के साथ मिलकर समुद्र मंथन करने के लिए कहा। इस समुद्र मंथन से निकले अमृत को पीने से देवता अमर हो जायेंगे।

देवता और असुर इसके लिए तैयार हो गए। समुद्र मंथन के लिए मदरांचल पर्वत को मथानी बनाया गया जबकि वासुकी नाग को नेती बनाया गया था। पर्वत के नीचे समुद्र में आधार ना होने के कारण मदरांचल डूबने लगा। भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लेकर पर्वत को आधार प्रदान किया। कूर्म अवतार की पीठ पर मदरांचल पर्वत वासुकी नाग की सहायता से घुमा और समुद्र मंथन किया गया।

3. वराह अवतार (Varaha Avatar) –

Bhagwan Vishnu Ke 10 Avatar In Hindi – पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने पृथ्वी को हिरण्याक्ष नामक दैत्य से बचाया था। हिन्दू मान्यता के अनुसार पौराणिक काल में दैत्य हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को समुद्र के गर्भ में छिपा दिया था। पृथ्वी को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया और पृथ्वी को ढूढने समुद्र में चले गए। भगवान वराह ने समुद्र के तल में पृथ्वी को ढूंढकर अपने दांतो पर उसे उठा लिया। भगवान विष्णु के अवतार वराह पृथ्वी को रसातल से बाहर निकालते है। बाहर आकर वो दैत्य हिरण्याक्ष से युद्ध करते है। भीषण युद्ध के बाद वराह हिरण्याक्ष दैत्य का वध करते है।

Vishnu Ji Ke 10 Avatar विष्णु अवतार के नाम –

4. नरसिंह अवतार (Narsingh Avatar) –

भक्त प्रहलाद को राक्षस हिरण्यकश्यप से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था। इस कथा के अनुसार दैत्यों का राजा हिरण्यकश्यप था खुद को भगवान मानता था। हिरण्यकश्यप ने कठिन तप करके ब्राह्म जी से वरदान मांगा था। वरदान के अनुसार संसार के किसी भी प्राणी, मनुष्य, जीव, पशु, देवता, दैत्य से मेरी मृत्यु ना हो। ना दिन में ना रात में, ना घर के अंदर और ना ही घर के बाहर मुझे कोई मार सके। ना कोई मुझे अस्त्र से और शस्त्र से मार सके। ना भूमि पर, ना ही आकाश में, ना पाताल और ना ही स्वर्ग में मुझे कोई मार सके। यह वरदान पाकर हिरण्यकश्यप को लगा कि वह अमर हो गया है। अब उसे कोई नही मार सकता, इसलिए वो भगवान है।

राक्षस हिरण्यकश्यप का प्रहलाद नामक एक पुत्र था। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था। हिरण्यकश्यप उसके पुत्र प्रहलाद से नाराज रहता था क्योंकि प्रहलाद उसकी पूजा ना करके विष्णु की पूजा करता था।

नरसिंह अवतार कथा Narsingh Avatar Katha –

अंत में हिरणकश्यप ने भक्त प्रहलाद को मारने का निश्चय किया। उसे जल में डुबोया गया, अस्त्र शस्त्र से मारने का प्रयत्न किया गया, पहाड़ से निचे गिराया गया, यहां तक कि सारे प्रयत्न नाकाम होने पर हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने मारने की कोशिश की। वो प्रहलाद को लेकर अग्नि में बैठ गयी लेकिन ईश्वर की मर्जी थी कि होलिका जल गयी और प्रहलाद बच गया।

अब हिरण्यकश्यप ने स्वयं भक्त प्रहलाद को मारने का निश्चय किया। उसने प्रहलाद को महल के एक खंभे से बांध दिया। तभी उस खंभे में से भगवान विष्णु नरसिंह का अवतार लेकर प्रकट होते है। भगवान नरसिंह का रूप कुछ इस तरह था – उनका चेहरा शेर का और धड़ मनुष्य का था। यानीकि ना तो वो मनुष्य थे ना ही पशु थे। नरसिंह अवतार ने हिरण्यकश्यप को पकड़ लिया और अपनी जांघो पर रखकर उसका धड़ फाड़ दिया। इस तरह से भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर भक्त प्रहलाद की रक्षा की थी।

भगवान विष्णु के 10 अवतार Bhagwan Vishnu Avatar Ke Naam –

5. वामन अवतार (Vamana Avatar) –

Bhagwan Vishnu Ke 10 Avatar In Hindi – पौराणिक कथा के अनुसार दैत्यराज बलि ने तीनों लोकों स्वर्ग लोक, पाताल लोक और भू लोक पर अधिकार कर लिया था। देवताओं को स्वर्ग छोड़कर जाना पड़ा। देवताओं ने मदद के लिए भगवान विष्णु के पास गुहार लगाई। भगवान विष्णु ने वामन यानीकि बोने ब्राह्मण का अवतार लिया। राजा बलि दान धर्म करने के लिए संसार में विख्यात था। वामन अवतार विष्णु राजा बलि के पास जाते है। उस समय बलि एक महायज्ञ कर रहा था। वामन अवतार ब्राह्मण के भेष में बलि के पास आये थे।

उन्होंने बलि से तीन पग भूमि भिक्षा में मांगी। राक्षसों के गुरु शुक्राचार्य भगवान विष्णु को पहचान गए थे लेकिन राजा बलि वामन अवतार को तीन पग भूमि देने को तैयार हो गए। इसके बाद भगवान वामन विशाल रूप धारण करते है। वो एक पग में धरती और दूसरे पग में स्वर्ग लोक नाप देते है। तीसरा पग रखने के लिए कोई जगह नही बचती है तब राजा बलि वामन अवतार को तीसरा पग अपने सर पर रखने के लिए कहते है। राजा बलि पाताल लोक में चले जाते है।

6. परशुराम अवतार (Parashurama Avatar) –

त्रेता युग में भगवान विष्णु ने क्षत्रियों के बढ़ते अत्याचार को खत्म करने के लिए परशुराम का अवतार लिया था। कथा के अनुसार महिस्मती राज्य पर सहस्त्रबाहु नामक क्षत्रिय राजा राज करता था। सहस्त्रबाहु बहुत अत्याचारी था जिससे उसकी प्रजा परेशान रहती थी। सहस्त्रबाहु भगवान परशुराम के आश्रम में आकर कामधेनु गाय को उठाकर ले जाता है। क्रोधित होकर परशुराम अपना परसा उठाकर उसका वध करते है।

भगवान विष्णु के 10 अवतार के नाम और उनकी कथा –

7. श्रीराम अवतार (Rama Avatar) –

Bhagwan Vishnu Avatar In Hindi – रामायण की कथा के अनुसार त्रेता युग में लंकापति रावण का आतंक था। भगवान विष्णु ने रावण का वध करने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के यहां श्रीराम का अवतार लिया। पिता की आज्ञानुसार 14 वर्ष का वनवास लेकर राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन में रहने चले गए थे। रावण ने कुटिया से सीता का हरण किया और उन्हें लंका ले गया। सीता की खोज में भगवान श्रीराम लंका जाते है। राम अपने साथियों हनुमान, सुग्रीव और उसकी वानर सेना की मदद से रावण से युद्ध करते है। आखिरकार रावण का वध करके सीता को मुक्त कराते है।

8. श्रीकृष्ण अवतार (Krishna Avatar) –

भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लेकर कंश का वध किया था। द्वापर युग में कंश नामक अत्याचारी का शासन था। एक भविष्यवाणी के अनुसार कंश को मालूम हुआ कि उसकी बहन की आखिरी सन्तान उसका वध करेगी। इस कारण उसने अपनी बहन देवकी और वसुदेव को कारागार में डाल दिया। कारागार में ही विष्णु के अवतार कृष्ण का जन्म हुआ। कृष्ण ने आगे चलकर कंश का वध किया और धरती को पाप मुक्त किया। महाभारत के युद्ध में भी अर्जुन का सारथी बनकर उन्होंने कौरवों को हराया। गीता का उपदेश भी भगवान श्रीकृष्ण महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को देते है।

विष्णु जी के 10 अवतार 10 Avatar Of Lord Vishnu In Hindi –

9. भगवान बुद्ध (Buddha) –

10 Avatar Of Bhagwan Vishnu In Hindi – भगवान विष्णु का 9 वां अवतार भगवान बुद्ध को माना जाता है। बुद्ध ने दुनिया को अहिंसा और धर्म का पाठ पढ़ाया था। बौद्ध धर्म के मानने वाले भगवान बुद्ध के उपदेशों पर चलते है। भगवान बुद्ध को गौतम बुद्ध भी कहा जाता है। उनके पिता का नाम शुद्धोधन था। उनके बचपन का नाम सिदार्थ था। उनकी पत्नी का नाम यशोधरा था।

10. कल्कि अवतार (Kalki Avatar) –

हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अनुसार भगवान विष्णु कलयुग में अपना अंतिम अवतार लेंगे। इस अंतिम अवतार को कल्कि कहा जाता है। पुराणों के अनुसार शंभल नामक जगह पर विष्णुयश के यहां पर उनका जन्म होगा। उनकी माता का नाम सुमति होगा और वो पापियों का विनाश करके धर्म की स्थापना करेंगे। कल्कि पुराण में कल्कि अवतार के बारे में विस्तृत भविष्यवाणी लिखी हुई है।

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नोट – इस पोस्ट Bhagwan Vishnu Avatar में भगवान विष्णु के 10 अवतार के नाम (Vishnu Ke 10 Avatar Ke Naam) और उनकी कथा बताई गयी है। यह आर्टिकल “10 Avatar Of Bhagwan Vishnu In Hindi” अच्छा लगा हो तो इसे शेयर भी करे।

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