दीपावली क्यों मनाई जाती है Diwali Story In Hindi

इस पोस्ट Diwali Story In Hindi में दीपावली क्यों मनाई जाती है (Diwali Kyu Manate Hai) और दिवाली की कथा (Diwali Katha In Hindi) की जानकारी है। हिन्दू धर्म का मुख्य त्यौहार दीवाली सदियों से भारतवर्ष में मनाई जा रही है। इस पर्व को मनाने के पीछे भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यता है। हिन्दू धर्म में महर्षि वाल्मीकि जी का लिखा ग्रँथ रामायण बहुत पढ़ा जाता है। दिवाली क्यों मनाते है? इस प्रश्न का उत्तर रामायण में है।

रामायण के अलावा भी कई ऐसी कथाएं है जिनमें दीवाली मनाने की मान्यता है। तो आइए दीपावली क्यों मनाई जाती है (Deepavali Kyu Manate Hai), इस बारे में जानने का प्रयास करते है।

Diwali Story In Hindi
Diwali Kyu Manate Hai

दीपावली क्यों मनाई जाती है Diwali Story In Hindi

आमतौर पर सभी हिन्दू धर्म के लोग दीवाली क्यों मनाई जाती है (Diwali Kyu Manate Hai)? इस बारे में संक्षिप्त में जानते है। यहां पर कुछ विस्तार से दीवाली के बारे में बताने का प्रयास है। भगवान श्रीराम लंकापति रावण का वध करके वापस अयोध्या आये थे, तब अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में अयोध्या को रोशनी से सजाया था। इसी उपलक्ष्य में हरवर्ष कार्तिक अमावस्या के दिन भारतवासी दीवाली मनाते है।

भगवान श्रीराम के आगमन पर अयोध्या के लोगो ने दीपक जलाएं थे जिससे अयोध्या पूरी जगमगा उठी थी। इसके बाद से ही यह एक प्रथा बन गयी। श्रीराम ने रावण को क्यों मारा और इसके पीछे की पौराणिक कथा क्या है। आइये विस्तार से जानते है।

भगवान श्रीराम की लंका विजय और आयोध्या वापस लौटने की कथा –

दिवाली क्यों मनाते है (Diwali Kyu Manate Hai) – वाल्मीकि जी की रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ के यहां हुआ था। माता का नाम कौशल्या था जबकि श्रीराम के तीन और भाई थे जिनका नाम लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न था। श्रीराम का विवाह सीता से हुआ था। भगवान राम की एक सौतेली माँ थी जिनका नाम कैकयी था। कैकयी ने राजा दशरथ से एक वचन मांगा था। वचन के अनुसार भरत को राजपाट और राम को 14 वर्ष का वनवास था। पिता ने ना चाहते हुए भी राम को वनवास भेज दिया और पुत्र राम ने बिना एक शब्द कहे पिता की आज्ञा का पालन किया था। 14 वर्ष वनवास पर श्रीराम के साथ उनकी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण भी थे।

वनवास के दौरान रावण की नजर सीता पर पड़ी और वह मंत्रमुग्ध हो गया। रावण ने वन से सीता का हरण किया और लंका ले गया। सीता की खोज में राम और लक्ष्मण ने खोज आरंभ की और आखिरकार उन्हें रावण का पता लगा। भगवान श्रीराम ने हनुमान, सुग्रीव और विभीषण का साथ लेकर रामसेतू का निर्माण करवाया और समुंदर पार करके रावण से युद्ध किया। युद्ध में दस सर वाले रावण की मृत्यु हुई और श्रीराम की जीत हुई। इस जीत को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन को दशहरा पर्व मनाया जाता है और रावण का पुतला पुंखा जाता है।

भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष का वनवास काटकर वापस अयोध्या लौटते है। इसी खुशी में अमावस्या के दिन अयोध्यावासियों ने दीपक प्रज्वलित करके आगमन की खुशी मनाई थी। इस दिन को हर वर्ष हिन्दू धर्म के लोग उल्लासपूर्वक मनाते है।

दीपावली क्यों मनाते है Diwali Kyu Manate Hai –

अन्य पौराणिक कहानिया Diwali Story In Hindi – 

एक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। नरकासुर ने करीब 16 हजार औरतों का हरण कर लिया था। श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके उन महिलाओं को मुक्ति दी थी।

महाभारत की कथा के अनुसार कौरवों ने मामा शकुनी की चाल से पांडवों का सारा राजपाट छीन लिया था। पांडवों को राजपाट छोड़कर 12 वर्ष के लिए अज्ञातवास जाना पड़ा था। दिवाली के दिन ही पांडव अज्ञातवास काटकर वापस अपने राज्य लौटे थे।

एक और पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। जैन धर्म के मतानुसार इस दिन 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।

एक और हिन्दू पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया था। उन्होंने राजा बलि से तीन पग जमीन भिक्षा में मांगी थी। इन तीन पग से वामन अवतार ने तीनों लोक नाप लिए थे। इससे देवताओं को स्वर्ग लोग वापस मिल गया था। इसी खुशी में रोशनी का उत्सव मनाया जाता है।

यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि धन की देवी लक्ष्मी इसी दिन समुद्र मंथन से निकली थी। भगवान विष्णु को देवी लक्ष्मी ने पति के रूप में दीवाली की रात को चुना था। दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का विधान भी है। हिन्दू धर्म को मानने वाले सुख और समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी का पूजन करते है।

दीपावली क्यों मनाते है Diwali Story Katha In Hindi –

Diwali Story In Hindi – दीपावली का त्योहार पूरे 5 दिन चलता है। दीपावली कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। दीवाली त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन व्यापारी नए बही खाते बनाते है। इस दिन को व्यापार के लिहाज से बहुत शुभ माना जाता है। खरीदारी करने के लिए भी धनतेरस का दिन बेहद शुभ होता है। कार्तिक माह की कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस मनाते है। इस दिन भगवान ध्वन्तरि की पूजा की जाती है।

दिवाली की पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन भगवान धवन्तरी अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन में प्रकट हुए थे। धवन्तरी के साथ ही देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर भी प्रकट हुए थे। धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी मनाते है। अगले दिन लक्ष्मी पूजा और चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। दीवाली पर्व का अंतिम दिन भाई दूज कहलाता है।

दीपावली रोशनी से अंधकार को दूर करने का दिन है। प्रत्येक वर्ष अक्टूबर या नवंबर के माह में दीवाली का त्योहार आता है।

अन्य पोस्ट्स –

Note – इस पोस्ट Diwali Story In Hindi में दीपावली क्यों मनाई जाती है (Diwali Kyu Manate Hai) और दिवाली की कथा (Diwali Katha In Hindi) व कहानी की जानकारी कैसी लगी। यह आर्टिकल “Deepavali Kyu Manate Hai” अच्छा लगा हो तो इसे फेसबुक और ट्विटर पर शेयर जरूर करे।

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