Qutub Minar In Hindi कुतुब मीनार की जानकारी व इतिहास

कुतुब मीनार की जानकारी Qutub Minar Information In Hindi

यह आर्टिकल Qutub Minar In Hindi कुतुब मीनार का इतिहास (Qutub Minar History In Hindi) व कुतुब मीनार की जानकारी (Qutub Minar Information In Hindi) पर आधारित है। कुतुब मीनार दिल्ली में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है। हर साल लाखों पर्यटक कुतुबमीनार को देखने दिल्ली आते है। कुतुब मीनार का इतिहास (Qutub Minar Ka Itihas) और रोचक जानकारी जानने का प्रयास इस पोस्ट में करेंगे।

Qutub Minar In Hindi

कुतुब मीनार का इतिहास Qutub Minar History In Hindi –

1. कुतुब मीनार (Qutub Minar) की ऊंचाई 72.5 मीटर है। इसकी चौड़ाई 14.3 मीटर है लेकिन सबसे ऊपरी मंजिल पर इसका व्यास केवल 2.75 मीटर ही रह जाता है। मीनार में ऊपरी मंजिलों पर जाने के लिए आधार से 379 सीढ़ियां है।

2. कुतुबमीनार एक पांच मंजिला इमारत है। यह दुनिया की सबसे ऊंची ईट से बनी बनी मीनार है। कुतुब मीनार के आसपास के क्षेत्र में और भी कई ऐतिहासिक इमारते है। कुतुब मीनार का यह पूरा परिसर यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में आता है।

3. दिल्ली सल्तनत के सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण करवाया था। 1200 ईसवी में कुतुब मीनार का निर्माण शुरू हुआ था जो 1220 ईसवी तक चला।

4. कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद इल्तुतमिश ने कुतुबमीनार का अधूरा कार्य पूरा किया था। इल्तुतमिश ने मीनार की तीन मंजिले और बनवाई थी जबकि कुतुबुद्दीन ऐबक ने केवल आधार की पहली मंजिल ही बनाई थी। 1369 ईसवी के आसपास बिजली गिरने से कुतुबमीनार की ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंचा था। इसलिए तत्कालीन सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने इसका पुननिर्माण किया था।

5. कुतुब मीनार लाल पत्थर और ईट से बनी हुई है। इस मीनार की पहली तीन मंजिल ही लाल बलुआ पत्थर से बनी है। 4 और 5 वीं मंजिल में मार्बल भी लगा हुआ है। कुतुब मीनार की ऊपरी मंजिलों पर जाने की मनाही है।

6. इस मीनार पर अरबी भाषा में शिलालेख मौजूद है। इन शिलालेखों पर कुतुबमीनार का इतिहास अंकित है। पूरी मीनार में अरबी में कुरान की आयतें और फूलों की बेल नक्कासी में उतारी गई है।

7. इस मीनार का नाम दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक पर रखा गया था। वैसे कुछ इतिहासकार सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी पर इसका नाम जोड़ते है।

कुतुब मीनार के बारे में Qutub Minar Ka Itihas –

8. कुतुब मीनार को भूकम्प और बिजली के कारण कई बार क्षती पहुँची है। प्रथम बार 1369 ईसवी में कुतुबमीनार क्षतिग्रस्त हुई थी जिसे फिरोजशाह तुगलक ने सही करवाया था। 1505 ईसवी में भूकम्प के कारण यह मीनार पुनः क्षतिग्रस्त हुई जिसकी मरम्मत सिकंदर लोदी ने करवाई थी। ब्रिटिश शासन के समय वर्ष 1903 में भी भूकम्प की ही वजह से कुतुबमीनार को वापस क्षति पहुंची थी।

9. कुतुब मीनार दिल्ली के मेहरुली भाग में स्थित है। कुतुबमीनार के परिसर को कुतुब कॉम्प्लेक्स कहते है। इसके परिसर में लौह स्तम्भ भी मौजूद है जो पूरा लोहे का बना हुआ है जिसमे 2000 सालों के बाद भी जंग का नामोनिशान नही है। इसके अलावा परिसर में कुव्वत उल इस्लाम मज्जिद, इल्तुतमिश की मजार, अलाई मीनार इत्यादि ऐतिहासिक इमारते भी है।

10. कुतुबमीनार (Qutub Minar) के निर्माण के संबंध में दो विवाद है। कुछ इतिहासकार यह मानते है कि इस मीनार का निर्माण अजान देने के लिए किया गया था। इसका कारण पास में कुव्वत उल इस्लाम मज्जिद का होना है। लेकिन कुछ इतिहासकार यह भी मानते है कि दिल्ली पर मुस्लिम हुकूमत की शुरुआत के जश्न में इसका निर्माण किया गया था।

11. इस मीनार का निर्माण अफगानिस्तान की जाम की मीनार से प्रभावित होकर किया गया था।

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Note – इस पोस्ट Qutub Minar In Hindi में कुतुब मीनार की जानकारी (Qutub Minar Information In Hindi) व कुतुब मीनार का इतिहास (Qutub Minar History In Hindi) पर चर्चा आपको कैसी लगी। यह पोस्ट “Qutub Minar Ka Itihas” पसंद आयी हो तो इसे शेयर भी करे।

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