पृथ्वीराज चौहान का अमर इतिहास Prithviraj Chauhan History In Hindi

Prithviraj Chauhan History In Hindi
पृथ्वीराज चौहान

इस ब्लॉग पोस्ट Prithviraj Chauhan History In Hindi में महान वीर पृथ्वीराज चौहान का इतिहास, कहानी और जीवनी बताई गई है। भारत के इतिहास में पृथ्वीराज चौहान का नाम अमर है। दिल्ली के शासक के रूप में भी उनका नाम आता है। पृथ्वीराज चौहान दिल्ली के अंतिम हिन्दू शासक थे। पृथ्वीराज चौहान की वीरता और शौर्य की गाथा अजमेर की धरा आज भी बया करती है। पृथ्वीराज चौहान ने तुर्क आक्रमणकारी मोहम्मद गौरी को धूल चटा दी थी। पृथ्वीराज चौहान की जीवनी “Biography Of Prithviraj Chauhan In Hindi”, कहानी (Prithviraj Chauhan Story) और इतिहास को बताने का प्रयास है।

सम्राट पृथ्वीराज चौहान का इतिहास Prithviraj Chauhan History In Hindi

महान राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) का जन्म वर्ष 1149 में हुआ था। उनके पिता महाराज सोमेश्वर अजमेर के शासक थे। पृथ्वीराज जी की माता का नाम कपूरी देवी था। बालक पृथ्वीराज बचपन से बहादुर थे। पृथ्वीराज तलवार और तीर चलाने में माहिर थे। यहां तक कि वो आवाज सुनकर ही लक्ष्य भेद दिया करते थे।

जब पृथ्वीराज मात्र 11 वर्ष की आयु के थे, तब उनके पिता की मृत्यु हो गयी थी। अजमेर राज्य पर शासक के रूप में उनका राजतिलक कर दिया गया। महाराज पृथ्वीराज की माता कपूरी देवी दिल्ली की थी। वह अपने पिता की इकलौती सन्तान थी, इसलिए दिल्ली राज्य का भी उत्तराधिकारी पृथ्वीराज चौहान को बनाया गया था। पृथ्वीराज चौहान की जिंदगी से दो किस्से जुड़े हुए है। पहला रानी संयोगिता से विवाह और दूसरा मोहम्मद गौरी से लड़ाई।

पृथ्वीराज चौहान और रानी संयोगिता की प्रेम कहानी Biography Of Prithviraj Chauhan In Hindi –

अजमेर के इतिहास में रानी संयोगिता और राजा पृथ्वीराज की प्रेम कहानी अमर है। संयोगिता के पिता कन्नौज के शासक राजा जयचंद थे। इस कहानी में अटूट प्रेम था। यह प्रेम इतना गहरा था कि दोनों ने केवल एक दूसरे का चित्र ही देखा था। राजा जयचंद को पृथ्वीराज पसंद नही थे। जयचंद ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया जिसमें लगभग सारे राजाओं को आमंत्रित किया था। पृथ्वीराज चौहान को इस स्वयंवर में नही बुलाया गया।

राजा जयचंद ने पृथ्वीराज का मिट्टी का पुतला बनाकर द्वारपाल के स्थान पर लगा दिया। राजकुमारी संयोगिता ने पुतले को जाकर वरमाला पहना दी। पृथ्वीराज चौहान पुतले के पीछे ही थे। इतिहास में आता है कि पृथ्वीराज चौहान ने वीरता दिखाते हुए भरे दरबार से राजकुमारी संयोगिता को उठा कर ले गए। इसके बाद से ही राजा जयचंद की पृथ्वीराज से दुश्मनी हो गयी थी।

पृथ्वीराज चौहान का मोहम्मद गौरी से युद्ध Prithviraj Chauhan Ki Jivani –

पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) से जुड़ी दूसरी कहानी मोहम्मद गौरी से है। राजा पृथ्वीराज ने पंजाब प्रान्त पर आक्रमण किया था। पंजाब उस समय मोहम्मद गौरी के अधीन था। पृथ्वीराज की सेना विशाल और ताकतवर थी जिसमें करीब 3 लाख सैनिक थे।

तराइन क्षेत्र में यह युद्ध कई दिन तक चला था और इसमें गौरी घायल भी हुआ था। बिना किसी नतीजे और परिणाम के यह युद्ध समाप्त हो गया। इस युद्ध से मोहम्मद गौरी को जान माल की भारी क्षति हुई थी। कुछ इतिहासकारों का मत है कि गौरी को पृथ्वीराज चौहान ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में गौरी को जीवनदान दे दिया गया।

पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) और मोहम्मद गौरी के बीच दूसरा युद्ध भी तराइन के मैदान में हुआ था। इस युद्ध में जयचंद ने मोहम्मद गौरी का साथ दिया। इस बार गौरी ने पृथ्वीराज पर आक्रमण किया था। युद्ध में अन्य राजपूत राजाओं ने पृथ्वीराज का साथ नही दिया। पृथ्वीराज का साथ केवल उनके बचपन के मित्र कविराज चंद्रबरदाई ने दिया था। तराई के इस युद्ध में महाराज पृथ्वीराज की हार हुई। पृथ्वीराज को युद्धबंदी बना लिया गया और उनको अंधा कर दिया गया था।

पृथ्वीराज चौहान की कहानी Prithviraj Chauhan Story –

चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण।

ता ऊपर सुल्तान है, मत चुके चौहान। – चंद्रबरदाई

चंद्रबरदाई के इस दोहे को सुनकर ही पृथ्वीराज चौहान ने शब्द भेदी बाण चलाया था।

राजस्थान की लोककथाओं में पृथ्वीराज के द्वारा गौरी को मारने के बारे में भी आता है। मौत की सजा से पहले पृथ्वीराज ने अंतिम इच्छा के मुताबिक शब्दभेदी तीर चलाने की इच्छा व्यक्त की थी। भरी सभा में चंद्रबरदाई ने दोहा बोलकर बताया कि गौरी कहा बैठा है। केवल शब्दो को सुनकर पृथ्वीराज चौहान ने सिंहासन पर बैठे मोहम्मद गौरी को मार डाला। इसके बाद चंद्रबरदाई ने अपनी और पृथ्वीराज की जान दे दी। चन्द्रबरदाई द्वारा रचित ग्रन्थ “पृथ्वीराज रासो” में इस महान राजा का जीवन व्रतांत है।

यह भी पढ़े –

Note – पृथ्वीराज चौहान का इतिहास Prithviraj Chauhan History In Hindi, पृथ्वीराज चौहान की जीवनी (Biography Of Prithviraj Chauhan In Hindi) और पृथ्वीराज चौहान की कहानी (Prithviraj Chauhan Story) पर यह पोस्ट Prithviraj Chauhan Ki Jivani कैसी लगी। यह पोस्ट “Prithviraj Chauhan Ka Itihas” पसंद आयी हो तो इसे शेयर भी करे।

About the Author: Knowledge Dabba

Hindi Knowledge About Science, Animals, History, Biography, Motivational Story.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *