चन्द्रमा पर पहला कदम – नील आर्मस्ट्रांग Information About Neil Armstrong In Hindi

Information About Neil Armstrong In Hindi नील आर्मस्ट्रांग की जीवनी

इस पोस्ट Information About Neil Armstrong In Hindi में चन्द्रमा पर कदम रखने वाले प्रथम व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग की जीवनी को जानेंगे। नील आर्मस्ट्रांग चन्द्रमा पर जाने वाले प्रथम इंसान थे। उन्होंने चांद पर पहला कदम रखा था। मानव का एक छोटा कदम मानव इतिहास की बड़ी छलांग माना जाता है। नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर कदम रखते हुए कहा था कि “इंसानियत के लिए ये एक छोटा कदम, पूरी मानव जाति के लिए बड़ी छलांग साबित होगा”।

Information About Neil Armstrong In Hindi

Biography Of Neil Armstrong In Hindi चन्द्रयात्री नील आर्मस्ट्रांग

नील आर्मस्ट्रांग Neil Armstrong का जन्म 5 अगस्त 1930 को अमेरिका के ओहियो राज्य के वापकोनेटा में हुआ था। नील के पिता का नाम स्टेफेन कोऐंग आर्मस्ट्रांग था। बचपन से ही नील आर्मस्ट्रांग को आसमान में उड़ने की इच्छा होती थी। नील आर्मस्ट्रांग ने Purdue यूनिवर्सिटी से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री नील आर्मस्ट्रांग ने दक्षिणी केलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से ली थी।

नील आर्मस्ट्रांग ने अमेरिकी नौसेना को भी जॉइन किया था। यहां पर नील ने एक पायलेट के तौर पर कार्य किया था। इसके बाद उन्होंने कोरियाई युद्ध मे भी भाग लिया था। नील ने 1955 में नासा को जॉइन किया था। नील आर्मस्ट्रांग ने 1956 के वर्ष में जेनेट एलिजाबेथ शेरोन से विवाह किया।

Biography Of Neil Armstrong In Hindi नील आर्मस्ट्रांग की जीवनी

नासा में रहते हुए नील आर्मस्ट्रांग ने टेस्ट पायलेट के रूप में काम किया। इस दौरान नील ने कई तरह के विमान उड़ाए जिनमे जेट, रॉकेट, हेलीकॉप्टर थे। नासा में कार्य करते हुए नील का चयन अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ। यह नील आर्मस्ट्रांग के जीवन का टर्निंग पॉइंट था और इतिहास बनने का भी।

नील आर्मस्ट्रांग Neil Armstrong ने चन्द्रमा पर जाने से पहले अंतरिक्ष का सफर भी किया था। जेमिनी अभियान के तहत आर्मस्ट्रांग अंतरिक्ष जा चुके थे। नील आर्मस्ट्रांग अपोलो 11 अन्तरिक्ष मिशन के लिए चुने गए। नासा का यह मिशन चन्द्रमा पर इंसान को भेजने का था। सारी दुनिया की निगाहें इस मिशन पर थी।

16 जुलाई 1969 का ऐतिहासिक दिन था, जब नील अपने 2 और साथियों के साथ चाँद के लिए रवाना हुए थे। आर्मस्ट्रांग के साथ उनके 2 साथी बज्ज एल्ड्रिन और माइकल कॉलिन्स भी थे। एल्ड्रिन आर्मस्ट्रांग के साथ ही चांद की जमीन पर उतरे थे जबकि कॉलिन्स चन्द्रमा के ऑर्बिट में अंतरिक्ष यान में ही थे। जब आर्मस्ट्रांग चांद पर उतरे थे, तब 20 जुलाई 1969 का वक्त था। चांद पर उतरते वक्त नील आर्मस्ट्रांग की दिल की धड़कन 180 के ऊपर चल रही थी। नील आर्मस्ट्रांग के बाद बज्ज एल्ड्रिन भी चाँद की जमीन पर उतरे और वो दुनिया के दूसरे व्यक्ति बन गए जो चाँद पर गए थे।

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दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के चन्द्रमा पर उतरने का प्रसारण पूरी दुनिया मे किया गया था। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति निक्सन ने चन्द्र यात्रियों से बातचीत भी की थी। आर्मस्ट्रांग और एल्ड्रिन ने चांद की धरती पर अमेरिकी झंडा भी फहराया था। दोनो ने वहां पर मून वाक भी की थी।

नील आर्मस्ट्रांग और बज्ज एल्ड्रिन ने चन्द्रमा की जमीन पर पूरे 2.30 घण्टे बिताए। दोनों ने चन्द्रमा पर रहकर वहां की मिट्टी के सैंपल एकत्र किए। नील ने अपने साथी के साथ मिलकर चांद की जमीन के कई इमेजेज भी लिए थे। 24 जुलाई 1969 को तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने हवाई द्वीप के पेसिफिक वेस्ट ओसियन पर वापसी की लैंडिंग की थी।

नील आर्मस्ट्रांग और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को इनके इस महान कार्य के लिए कई सारे सम्मान दिए गए। नील आर्मस्ट्रांग Neil Armstrong को राष्ट्रपति निक्सन ने प्रेसिडेंसीएल मैडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया था। 25 अगस्त 2012 को यह महान अंतरिक्ष यात्री दुनिया को अलविदा कह गया।

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