टाइटैनिक जहाज का इतिहास और जानकारी History Of Titanic Ship In Hindi

History Of Titanic Ship In Hindi टाइटैनिक जहाज का इतिहास और जानकारी

टाइटैनिक जहाज Titanic Ship अपने समय का सबसे बड़ा और आलीशान जहाज था। History Of Titanic Ship In Hindi में इसी ऐतिहासिक जहाज की बात करेंगे। टाईटैनिक जहाज के बारे में कहा जाता था कि वह कभी नही डूब सकता। इसको बनाने वाले कारीगर टाईटैनिक को मजबूत जहाज बताते थे लेकिन यह मजबूत और आलीशान जहाज समुद्र में डूब गया जिसके साथ डूबने से कई लोग मारे गए थे।
टाइटैनिक पर मूवी भी बन चुकी है जिसको हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर जेम्स केमरॉन ने बनाया था। इसी मूवी ने टाइटैनिक को मशहूर कर दिया। तो आइए दोस्तो टाइटैनिक की बात करते है।
history of titanic ship in hindi
History Of Titanic Ship In Hindi

History Of Titanic In Hindi – About Titanic Ship In Hindi

टाइटैनिक जहाज को बनाने का कार्य 31 मार्च 1909 को शुरू किया गया था। इसको बनने में पूरे तीन साल लगे थे और 31 मई 1911 को बनकर तैयार हुआ था। यह जहाज साउथहेम्पटन से यात्री लेकर अमेरिका के लिये रवाना हुआ था। यह 10 अप्रैल 1912 का समय था जब टाइटैनिक 2200 यात्रियों को लेकर रवाना हुआ था। इसमे 1300 यात्री और बाकी जहाज के क्रू मेंबर्स थे। लोगो की निश्चित संख्या का पता नही है, यह केवल एक अनुमान है।
टाइटैनिक जहाज Titanic Ship 882 फुट लम्बा जहाज था और इतना बड़ा की फुटबॉल के 3 मैदान समा जाए और इसकी ऊंचाई 104 फीट थी। टाइटैनिक को बनाने वाली कम्पनी का नाम वाइट स्टार लाइन था।
यह उत्तरी अटलांटिक महासागर में हिमखंड से टकराया था। यह हिमखंड 100 फुट ऊंचा था। यह 14 अप्रैल 1912 की रात थी और धड़ी में टाइम 11 बजकर 40 मिनट था। टक्कर होने के बाद जहाज में पानी भरना शुरू हुआ। हिमखंड से टक्कर के बाद 2 घण्टे 40 मिनट में यह पूरा डूब गया। रात का समय और चाँद की रोशनी भी नही थी इसलिए हिमखंड नही दिखाई दिया। जब हिमखंड दिखाई दिया तो जहाज के टकराने में सिर्फ 37 सेकण्ड बचे थे। हिमखंड से टक्कर के बाद टाइटेनिक जहाज दो टुकड़ों में टूटा था। History Of Titanic Ship In Hindi
टाइटैनिक जहाज पर मरने वाले सबसे ज्यादा पुरुष थे क्योंकि ज्यादातर औरतों और बच्चो को लाइफबोट दे दी गयी थी क्योंकि यही सज्जनता की निशानी है।
टाइटैनिक Titanic जहाज पर बचने वाले ज्यादातर लोग अमीर थे क्योंकि लाइफबोट पहले फर्स्ट क्लास के पास थी। इस भयानक हादसे में केवल 709 लोग ही बच पाए थे क्योंकि लाइफबोट 20 ही थी जबकि टाइटैनिक जहाज 64 लाइफबोट ले जाने के लिए बना था। इस भयानक हादसे में 1500 से ज्यादा लोग मारे गए। अंटार्कटिका में जहा जहाज डूबा था, वहाँ का तापमान -2 डिग्री सेल्सियस था यानीकि भयंकर सर्दी थी। टाईटेनिक पर ज्यादातर आदमी डूबने की बजाए ठंड से मरे थे।

History Of Titanic In Hindi – About Titanic Ship In Hindi

टाइटैनिक पर लगी सिटी को 16 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता था। टाइटैनिक का वजन 46326 टन था। टाइटैनिक की पानी पर रफ्तार 42 किलोमीटर प्रति घण्टा थी। टाइटैनिक पर ईंधन के रूप में 600 टन कोयला जलाया जाता था। टाइटैनिक जहाज के चार चिमनियां थी जिसमे एक नकली थी। टाइटैनिक जहाज पर लोगो के खाने के लिये 86000 टन मीट, 40000 अंडे, 36000 सेब थी।
1 सितम्बर 1985 को समुद्र में टाइटैनिक Titanic का मलबा ढूंढ लिया गया जो 12600 फ़ीट की गहराई में मिला था। उस समय टाइटैनिक पर यात्रा करने के लिए 2.70 लाख रुपये का टिकट था जो कि फर्स्ट क्लास के लिये था। सेकंड क्लास का टिकट 1 लाख और थर्ड क्लास का टिकट 2 हजार का था। History Of Titanic Ship In Hindi
इतिहास की इस भयंकर ना भुला सकने वाली त्रासदी पर हॉलीवुड में एक फ़िल्म बनी थी जिसका नाम भी टाइटैनिक था। इस मूवी को हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर जेम्स कैमरून ने डायरेक्ट किया था। यह हॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी हिट मानी जाती है। टाइटैनिक मूवी ने उस साल के 11 ऑस्कर अवार्ड जीते थे। टाइटैनिक जहाज Titanic Ship को बनाने में 48 करोड़ रुपये का खर्चा आया था जबकि टाइटैनिक मूवी को बनाने में 12 अरब रुपये का खर्चा आया था। जो लोग टाइटैनिक के इस हादसे में बच गए उनमे से आखिरी जीवित महिला Millvina Dean थी जो हादसे के वक्त 2 महीने की थी जिनका 97 साल की उम्र में 2009 में निधन हुआ था।
टाइटैनिक जहाज पर खुद का अखबार चलता था जिसका नाम अटलांटिक डेली बुलेटिन था। टाइटैनिक एकमात्र ऐसा जहाज है जो हिमखंड के टकराने से डूबा है। जब टाईटेनिक डूब रहा था तब कुछ म्यूजिशियन म्यूजिक बजाकर परफॉर्म कर रहे थे ताकि लोग घबराए नही।
Note – टाइटैनिक जहाज का इतिहास और जानकारी History Of Titanic Ship In Hindi कैसी लगी और History Of Titanic In Hindi को शेयर जरुर करे।

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About the Author: Knowledge Dabba

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