अरस्तु का जीवन परिचय | Biography Of Aristotle In Hindi

Biography Of Aristotle In Hindi

अरस्तु का जीवन परिचय और विचार Information and Biography of Aristotle In Hindi

अरस्तु एक महान दार्शनिक और वैज्ञानिक सोच वाले व्यक्ति थे जिनके विचार आज भी प्रासंगिक है। इस लेख Biography of Aristotle In Hindi में अरस्तु का जीवन परिचय है। अरस्तु हर शास्त्र में पारंगत थे चाहे वो राजनीतिक शास्त्र हो या फिर अर्थशास्त्र, धर्मशास्त्र, नीतिशास्त्र हो। हर क्षेत्र में उनके विचार आज भी शिक्षा के रूप में पढ़ाये जाते है।

वैज्ञानिक विचारधारा का जनक अरस्तु को ही माना जाता है। अरस्तु को बुद्धिमानो का गुरु भी कहा गया है। तो आइये दोस्तों, अरस्तु का जीवन परिचय और उनका योगदान पढ़ते है।

Arastu Quotes –

मित्र का सम्मान करो , पीठ पीछे उसकी प्रसंसा करो और आवश्यकता पड़ने पर उसकी सहायता करो – अरस्तु

अरस्तु की जीवनी (Arastu Biography In Hindi)

Aristotle का जन्म 384 ईसवी पूर्व ग्रीक यूनान में स्टिगिरा नामक स्थान पर हुआ था। अरस्तु के पिता मकदूनिया राज्य के शाही वैध थे। अरस्तु के गुरु प्लेटो थे और गुरु भी एक महान और प्रसिद्ध दार्शनिक थे। एन्थेन्स में प्लेटो की अकादमी भी थी। इसी अकादमी में अरस्तु ने करीब 20 साल तक शिक्षा ग्रहण की थी। प्लूटो अरस्तु से काफी प्रभावित थे और वो अरस्तु को अकेडमी का मस्तिष्क भी कहते थे।

Arastu Quotes –

गरीबी के कारण ही क्रांति और अपराध का जन्म होता है – अरस्तु

346 ईसवी पूर्व में अरस्तु मकदूनिया के राजा सिकन्दर महान के शिक्षक भी नियुक्त थे। सिकंदर अरस्तु को काफी मानता था और उसके मन में अरस्तु के लिए बहुत सम्मान था। अरस्तु ने एक निजी विद्यालय लिसियम की स्थापना भी की थी। सिकंदर की मृत्यु के बाद अरस्तु केलियीस नगर चला गया।

अरस्तु के ग्रंथ के नाम (Aristotle Books In Hindi)

अरस्तु ने अपने जीवनकाल में करीब 400 गर्न्थो की रचना की थी। अरस्तु ने पॉलिटिक्स ग्रंथ की भी रचना की थी जिसमे तत्कालीन राजनीतिक व्यवस्था का यथार्थ चित्रण है। अरस्तु ने अपने इस ग्रन्थ में एक महत्वपूर्ण विचार रखा था की “राज्य का निर्माण व्यक्ति समूह ने जानबूझकर या सोचविचार नही किया है। राज्य तो एक प्राकृतिक संस्था है। राज्य मनुष्य से पहले है। वही संविधान सबसे अच्छा है जो अधिक स्थायी होता है”।

Arastu Quotes –

अरस्तु के अनुसार राज्य में न अधिक पूंजीपति हो और ना ही गरीब अधिक हो, बल्कि मध्यमवर्गीय लोगो का बाहुल्य हो। – अरस्तु 

अरस्तु किसी भी बात को बिना सोचे और विचारे नही मानते थे। वो घटना को मानने से पहले विचार करते थे। मानव स्वभाव से जुड़े विचारों पर वह शोध करना पसंद करते थे। मानव विचारों में जैसे आदमी को जब भी समस्या आती है वो किस तरह से इसका सामना करता है और आदमी का दिमाग कैसे कार्य करता है? अरस्तु अक्सर टहलते हुए ही प्रवचन दिया करते थे।
Arastu Quotes –

जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नही होता है – अरस्तु

जीव विज्ञान का जनक अरस्तु को कहा जाता है क्यूंकि उन्होंने ने ही सर्वप्रथम जीव जंतुओं के विषयों में विचार व्यक्त किये थे। अरस्तु ने ही जीवो को जन्तु और वनस्पति जगत में बांटा था।

Arastu Quotes –

एक निश्चित बिंदु के बाद पेसो का कोई अर्थ नही रह जाता है।

कोई भी व्यक्ति उस व्यक्ति से प्रेम नही करता जिससे वो डरता है।

Frequently Asked Question About Aristotle –

Q.1 अरस्तु का गुरु कौन था?

Ans. – प्लेटो

Q.2 अरस्तु का प्रिय शिष्य कौन था?

Ans. सिकंदर

Q.3 अरस्तु कौन था?

Ans. एक यूनानी दार्शनिक

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About the Author: Knowledge Dabba

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