पृथ्वी की उत्पत्ति और संरचना Information About Earth In Hindi

Information About Earth In Hindi पृथ्वी की जानकारी

दोस्तो नॉलेज डब्बा ब्लॉग पर ब्रह्मांड से जुड़े कई टॉपिक्स पर हमने विस्तृत चर्चा की है आकाशगंगा, सूर्य, सोलर सिस्टम को जाना है। इस आर्टिकल पृथ्वी की जानकारी Information About Earth In Hindi में हमारी पृथ्वी की उत्पत्ति और संरचना के बारे में बात करेंगे।

यूनिवर्स में हमारी पृथ्वी (Earth In Hindi) ही ऐसा एकमात्र ग्रह है जिस पर जीवन है। वैज्ञानिक ब्रह्माण्ड में जीवन की खोज कर रहे है और उन्हें ब्रह्माण्ड में कुछ Super Earth मिली है और हम उम्मीद कर सकते है कि भविष्य में धरती के समान जीवन किसी और ग्रह पर भी मिलेगा।

पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ Earth History In Hindi –

Information about earth in hindi
Earth Information In Hindi

पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ (Information About Earth In Hindi) – वैज्ञानिक अनुमान के तहत पृथ्वी का जन्म 4.54 अरब साल पहले हुआ था लेकिन जीवन की शुरुआत निर्माण के 1 अरब साल बाद हुई थी। यही वो समय था जब सौरमंडल का निर्माण हुआ था। ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी सूर्य से ही अलग हुआ भाग है जो कालांतर में ग्रह बना। ऐसा माना जाता है कि शुरू में पृथ्वी Earth पर केवल लावा था यानीकि धरती बहुत गर्म थी और जीवन की कोई संभावना भी नही थी। कालान्तर में धरती ठंडी होना शुरू हुई और ठोस सतह का निर्माण हुआ।

वायुमंडल बना और जीवन की परिस्थितिया बनी। धरती पर वायुमण्डल गुरुत्वाकर्षण की वजह से है। पृथ्वी की शक्तिशाली चुम्बकीय कोर विकसित हुई। समय के साथ धरती के वायुमंडल में ओजोन परत का निर्माण हुआ जो सूर्य की हानिकारक किरणों से धरती को बचाती है। पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन शुरू हुआ जिससे ऋतुओ का बनना शुरू हुआ। धरती पर तीन ऋतुऐ है गर्मी, सर्दी और वर्षा।

पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ Earth History In Hindi –

एक समय धरती पर केवल पानी ही था और माना जाता है कि इस दौरान पानी मे ही घरती के पहले जीव की उत्पत्ति हुई थी। बाद में महाद्वीपों का निर्माण हुआ और थल बना। जीवन के लिए जरूरी “जल” धरती पर आया। उस समय धरती का तापमान बहुत ज्यादा था जिससे पानी का पृथ्वी की सतह पर रहना मुश्किल था जिससे धरती पर जल नही रह पाया तो दोस्तों फिर धरती पर जल कैसे आया, इसके पीछे क्षुद्रग्रह की थ्योरी है।

क्षुद्रग्रह की थ्योरी के अनुसार अरबो साल पहले किसी बड़े क्षुद्रग्रह की धरती से टक्कर हुई होगी जिससे उस क्षुद्रग्रह का जल पृथ्वी पर आ गया होगा। यह थ्योरी इसलिये भी सटीक बैठती है क्यूंकि इन क्षुद्रग्रहो पर पानी का पता लगा है धरती एक ठोस ग्रह है जिसका द्रव्यमान है। पृथ्वी की तरह ही मंगल, शुक्र, बुध तीनो ग्रह भी पथरीले यानीकि ठोस है। सौरमंडल के बाकी ग्रह जैसे ब्रहस्पति, शनि, वरुण, अरुण गैसीय ग्रह है। ठोस ग्रहों में पृथ्वी सबसे बड़ा ग्रह है।

पृथ्वी की आंतरिक संरचना Structure Of Earth In Hindi

धरती की आंतरिक संरचना परतों के रूप में है। Structure Of Earth In Hindi पृथ्वी में मुख्यतः तीन परते है। पृथ्वी का एक केंद्र है जिसमे निकल और लोहा है , इसे धरती की कोर कहते है। पृथ्वी के केंद्र की त्रिज्या 1221 किलोमीटर की है और इस कोर का तापमान 6000 डिग्री सेल्सियस है। यह धरती की इनर कोर कहलाती है और यह द्रव अवस्था में है। पृथ्वी की बाहरी परत 30 किलोमीटर मोटी है। केंद्र और बाहरी परत के बीच एक मेंटल की परत होती है। Information About Earth In Hindi

पृथ्वी की बाह्य सतह पर पहाड़, समुद्र, ज्वालामुखी, बड़े गड्ढे, वन, रेगिस्तान आदि है। बाहरी परत के नीचे जो प्लेट्स होती है वो खिसकती रहती है जिससे भूकंप और सुनामी आ जाती है। धरती पर पहाड़ो का निर्माण भी ऐसे ही हुआ है। आज जहा पर समुद्र है वहा पहले महासागर हुआ करते थे और जहा महासागर है वहां ऊंचे पर्वत हुआ करते थे। यह निर्माण प्रकिया सतत चलती रहती है।

प्राचीन समय मे यह माना जाता था कि पृथ्वी चपटी है लेकिन कई वैज्ञानिको ने बताया कि धरती गोल है। वेसे धरती बॉल जैसी गोल नही है, यह अंडाकार है जिसकी वजह इसका दोनों ध्रुवों पर चपटा होना है। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करती है जिससे अपकेंद्रीय बल Centrifugal Force पैदा होता है और यही पृथ्वी के ध्रुवों पर चपटी होने का कारण है।

धरती के बारे में रोचक जानकारी Information About Earth In Hindi –

1. पृथ्वी आयरन, ऑक्सिजन, निकल, सिलिकॉन, मैग्नीशियम, सल्फर, अलुमिनियम, केल्सियम जैसे तत्वों से मिलकर बनी हुई है।

2. धरती Earth पर 71 फीसदी जल है और बाकी का थल है। धरती का 97 फीसदी जल महासागरों में है जो की पीने योग्य नहीं है।

3. पृथ्वी सूर्य के चारो और परिक्रमा करती है। यह परिक्रमण पथ अंडाकार होता है। पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरे 365 दिन 5 घण्टे और 48 मिनट में तय करती है।

4. धरती पर जो मौसम परिवर्तन होता है उसकी वजह पृथ्वी का परिक्रमण है।

5. धरती अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री पर झुकी हुई है। यह भी मौसम में परिवर्तन का कारण है।

6. पृथ्वी अपने अक्ष पर भी घूमती है जिसको धरती की घूर्णन गति कहते है। पृथ्वी 24 घण्टे में एक घूर्णन पूरा करती है जिससे रात और दिन होते है।

7. अपनी धरती का एक उपग्रह भी है जिसका नाम चन्द्रमा है।

Information About Earth In Hindi –

8. पृथ्वी के वायुमंडल में मुख्यतः 78% नाइट्रोजन और 21% ऑक्सिजन गैस है। इसके अलावा कार्बोंडाइऑक्सीड, ऑर्गन, नियॉन जैसी गैसे भी है।

9. पृथ्वी Earth का केंद्र सूर्य की सतह जितना गर्म है।

10. वायुमंडल के कारण ही उल्कापिंड धरती से टकराने से पहले वायुमंडल में घर्षण के कारण नष्ट हो जाते है।

11. हमारी धरती की त्रिज्या 6371 किलोमीटर है और पृथ्वी सूर्य से 150 मिलियन किलोमीटर दूर है। सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक आने में 8.3 मिनट का समय लगता है।

12. पृथ्वी पर पानी तीन अवस्थाओं में मिलता है, ठोस, द्रव्य और गैस।

13. पृथ्वी हमारे सौरमंडल में बुध और शुक्र के बाद तीसरा ग्रह है। पृथ्वी सौरमंडल का 5 वा सबसे बड़ा ग्रह है। धरती ही एकमात्र ग्रह है जिस पर वायुमंडल है।

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Note:- दोस्तों पृथ्वी की उत्पत्ति, संरचना, इतिहास के बारे में Information About Earth In Hindi पोस्ट कैसी लगी और अच्छी लगी हो तो इसे पोस्ट Earth History In Hindi को शेयर जरूर करे। आपके पास “पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ” के बारे अधिक जानकारी है तो हमसे शेयर करे। Earth Information In Hindi आर्टिकल पर आपके विचार सर्वोपरि है।

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