स्टेम सेल तकनीक क्या है? What Is Stem Cell in Hindi

इस लेख What Is Stem Cell in Hindi में स्टेम सेल क्या है? और इस तकनीक के उपयोग पर जानकारी दी गयी है। Science में लगातार खोजे Invention हो रही है। मेडिकल साइंस (Medical Science) भी इसमें पीछे नही है। मेडिकल साइंस (Medical Science) ने कई बीमारियों का ईलाज खोज लिया है लेकिन आज भी कई बीमारियों का इलाज संभव नही है।

इन लाईलाज बीमारियों के लिए स्टेम सेल (Stem Cell) तकनीक एक आशा की किरण है। Stem Cell Therapy के जो नतीजे सामने आये है वो वाकई में चमत्कारिक है और मेडिकल साइंस (Medical Science) में नई उम्मीद जगाते है।Stem cell in hindi

मानव शरीर (Human Body) में नई कोशिकाऐ (Cells) निरंतर बनती रहती है और खत्म भी होती रहती है। यह क्रियाएं (Process) लगातार चलती है। हमारे शरीर में एक ऐसा Mechanism होता है जिसके द्वारा शरीर में हुई टूट फूट की मरमत अपने आप होती रहती है। लेकिन जैसे जैसे इंसान की उम्र बढ़ती जाती है, शरीर में नई कोशिकाओं का बनना कम हो जाता है। एक समय ऐसा आता है की इनका बनना बंद हो जाता है।

जब बैक्टीरिया या किसी वायरस का शरीर पर हमला होता है तो शरीर बीमार पड़ जाता है। हमें दवाई Medicine लेनी पड़ती है जिससे सेल्स खराब होना शुरू हो जाती है और आखिर में खत्म हो जाती है। इसके कारण मानव शरीर कई लाइलाज बीमारियों (Incurable Disease) से घिर जाता है। जैसे की केंसर Cancer एक लाइलाज बीमारी है और इस बीमारी Disease में दवाई भी कार्य नही करती है।

स्टेम सेल तकनीक (Stem Cell Technique) लाइलाज बीमारियों में इंसान के लिए वरदान है। इस तकनीक में खराब हुई कोशिकाओं को नष्ट करके, नई कोशिका उत्पन्न की जाती है। इसके लिए एंब्रॉयनिक स्टेम सेल तकनीक (Embryonic Stem Cell Technique) का इस्तेमाल किया जाता है।

Stem Cell तकनीक में किन बीमारियों का इलाज होता है?

इस तकनीक से कई लाइलाज बीमारियों (Incurable Disease) का Treatment किया जाता है। मरीज हो सकता है कि पूरी तरीके से ठीक ना हो लेकिन उन्हें बीमारी में काफी आराम मिलता है। Spinal cord Injury, Liver Related Disorders, टाइप 1और 2 डायबिटीज (Type 1 and Type 2 Diabetes), Heart Related Disorders, Genetic Disorders,Kidney Disease इत्यादि का Stem Cell तकनीक से Treatment किया जाता है।

स्टेम सेल तकनीक क्या है? Stem Cell Therapy In Hindi

stem cell in hindi

एंब्रॉयनिक स्टेम सेल तकनीक (Embryonic Stem Cell Technique) में लेब में खास तरीके से तैयार की गई ह्यूमन स्टेम सेल्स (Humans Stem Cells) को मरीज के शरीर में इंजेक्शन Injection के द्वारा प्रवेश करवाया जाता है।

Body में जाने के बाद ये सेल्स विभाजित हो जाती है और नष्ट या खराब हो चुकी सेल्स (Cells) को Replace कर देती है। इन एंब्रॉयनिक स्टेम सेल्स को आई वी एफ (IVF) तकनीक से बनने वाले भ्रूण (Embryo) से हासिल किया जाता है।

Stem Cell In Hindi
की इस तकनीक में डॉक्टर Sperm और Eggs को Fertilize कराते वक्त एक से ज्यादा Embryo बनाते है। एक Embryo को बच्चा चाहने वाली औरत के गर्भ में डाल दिया जाता है और बाकि बचे Embryo को सुरक्षित करके उन्हें कृतिम कंडीशन देकर विकसित किया जाता है। इनसे Stem Cells  हासिल की जाती है।

स्टेम सेल तकनीक का इतिहास Stem Cells Technique History

अमेरिका में इसकी Research की गई थी। 1998 में अमेरिकी वैज्ञानिको ने स्टेम सेल्स अलग करके, उन्हें विकसित किया था। उस समय जॉर्ज बुश के राष्ट्रपति रहते हुई, इस तकनीक पर रोक लगा दी गई और तर्क यह दिया गया कि Embryo में भी जान होती है, इसलिए उस पर यह प्रयोग नैतिक गलत है। ओबामा के समय इस पाबन्दी को हटा लिया गया और फिर से Research शुरू हो गई।

भारत में स्टेम सेल तकनीक

अमेरिकी वैज्ञानिको ने स्टेम सेल्स को अलग करकर लैब में विकसित किया लेकिन लैब में विकसित करने की तकनीक में कुछ खामियां थी। जिससे Stem Cells पूरी तरीके से विकसित नही हो पाती थी। इनसे मरीजो पर साईड इफ़ेक्ट की सम्भावना भी थी। भारत के डॉक्टर हिमांशु बंसल ने अपनी रीसर्च में पाया कि अगर इन स्टेम सेल को विकसित करने के तरीके में बदलाव किया जाए तो कामयाबी मिल सकती है।

डॉक्टर बंसल ने स्टेम सेल्स को हासिल तो उसी तरीके से किया लेकिन उसके लैब में विकसित करने के तरीके में बदलाव कर किया। जब उनके तरीके से विकसित स्टेम सेल्स को Human Body में प्रवेश करवाया गया तो उसका कोई भी साइड इफेक्ट्स सामने नही आया। स्टेम सेल से इलाज के लिए पश्चिमी देशों में कड़े नियम है परंतु भारत में ऐसे नियम नही है। इस कारण विदेशो से काफी लोग इस तकनीक से इलाज के लिये भारत आते है।

स्टेम सेल केसे कार्य करती है? How To Stem Cell Work In Hindi

स्टेम सेल Blank Cells होती है। इन सेल्स में शरीर की तमाम तरह की Cells में विकसित होने की ताकत होती है। यह सेल्स Tissue में मरम्मत का कार्य भी करती है। Stem Cells विभाजित होती रहती है और दूसरे खराब सेल्स की क्षतिपूर्ति करती है। डिवाइड होते रहना इनके स्वभाव में होता है।

जैसे ही कोई स्टेम सेल डिवाइड होती है, तो उससे बनने वाली सेल के अंदर भी पहले वाली सेल के जैसी ताकत और गुण आ जाते है। डॉक्टर्स इन सेल्स को खास कंडीशन्स में किसी विशेष Organ की Cells बना देते है। स्टेम सेल्स की तकनीक भविष्य में मेडिकल साइंस के क्षेत्र में उपयोगी साबित होगी, यह उम्मीद है।

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