लोग हर मोड़ पर रुक रुक के सम्भलते क्यों है .. Hindi and Urdu Shayari Of Rahat Indori

rahat indori shayari in hindi

Best Rahat Indori Shayari In Hindi

लोग हर मोड़ पर रुक रुक के सम्भलते क्यों है।
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है।
ना जुगनू हूँ ना दिया हूँ ना कोई तारा हूँ ।
रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों है।
                                                By Dr. Rahat Indori
महान उर्दु शायर राहत इंदौरी साहब की शायरी के यह शब्द सीधा दिलो को चीर देते है।
Urdu Shayar Rahat Indori Shayari In Hindi 
महान कवि शेक्सपियर कहते है कि “नाम में क्या रखा है” । हर दिल अजीज डॉ राहत इंदौरी साहब के नाम में उनके पैदाइशी शहर का नाम आता है। इंदौर में जन्मे इन मशहूर शायर ने अपनी महान रचनाओ से पूरी दुनिया के श्रोताओं का दिल जीता है। Hindi Udru Shayari 
इंदौरी साहब ने कई फिल्मी गीतों में भी अपनी शायरी का जादू बिखेरा है। खुद्दार फ़िल्म का वो गीत “तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नही” तो आपने सुना ही होगा। यह बेहतरीन गीत इंदौरी साहब का ही है।  Hindi love shayari

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About the Author: Knowledge Dabba

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