मुद्रा का विश्व और भारत का रोचक इतिहास – History of currency of world and India In Hindi

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मुद्रा का इतिहास हिंदी में Information About World Currency In Hindi

वर्तमान में सभी Countries किसी भी वस्तु का लेनदेन करने के लिए मुद्रा Currency का उपयोग करते है। हर एक देश की अपनी मुद्रा होती है जो उस देश में क्रय विक्रय (Buy Sell) के लिए उपयोग होती है। जैसे अपने देश भारत में रुपये Rupees की मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका में डॉलर (Dollar), इंग्लैंड में पोंड (Pond), यूरोपियन देशो में यूरो (Euro), सऊदी में दीनार (Dinar),ये सभी मुद्राए उन देशों की मान्य मुद्रा होती है। हर मुद्रा की अलग अलग वैल्यू होती है और यह वैल्यू उस देश की अर्थव्यवस्था Economy पर निर्भर होती है। जैसे की अमेरिका की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है जिससे डॉलर Dollar की वैल्यू अन्य कई मुद्राओ से ज्यादा है।

बार्टर सिस्टम का इतिहास History Of Barter System In Hindi

प्राचीन समय Ancient Time में मुद्राओं का उपयोग नहीं होता था, तो फिर लोग किसी वस्तु को कैसे खरीदते थे? इसके लिए उस समय के लोगो ने एक प्रणाली System विकसित की थी जिससे वस्तुओं का आदान प्रदान किया जाता था। जैसे किसी को खाने पीने की कोई चीज़ खरीदनी होती थी तो वह उस चीज़ के बदले कोई और वस्तु दे दिया करता था। इस सिस्टम को अदला बदली (Exchange) भी कह सकते है।

उस जमाने में नमक, सोना, चांदी, अनाज, जानवर का एक्सचेंज होता था। इन्ही चीज़ों को धन के समान माना जाता था। इस पक्रिया को बार्टर सिस्टम ऑफ़ एक्सचेंज (Barter System Of Exchange) कहा जाता है।
खरीदारी Shopping के इस System में काफी खामी थी और सबसे बड़ी खामी यह थी की दुकानदार (Shopkeeper) वस्तु देते समय तो कमाता ही था और साथ ही लेते समय भी कमाता था और यह भी खामी थी कि जैसे किसी के पास बकरी है और वो घोडा लेना चाहता है। धोड़ा वाला बकरी नहीं खरीदना चाहता लेकिन घोड़ा बेचना चाहता है और बकरी वाला बकरी बेचना नहीं चाहता लेकिन घोड़ा खरीदना चाहता है।

ये सारी समस्याएं इस सिस्टम में थी। इसी कारण ऐसे सिस्टम को विकसित करने की आवश्यकता महसूस हुई जिससे ये सारी समस्याएं दूर हो जाए। इसी कारण मुद्रा Currency का चलन प्रारम्भ हुआ।

दुनिया में सिक्को के चलन का इतिहास History Of Coins In Hindi

विश्व का सबसे पुराना सिक्का या मुद्रा लीडिया (Lydia) में बना था। यह ईसा पूर्व छटी शताब्दी का समय था जब यह मुद्रा लीडिया में चलन में थी। यह मुद्रा अलेक्ट्रम धातु की बनी थी। यह सिक्का आज से करीब 2700 वर्ष पुराना माना जाता है।

सिक्कों के उपयोग से वस्तूओं का लेन देन करने में आसानी होने लगी जिस कारण इनका उपयोग बढ़ता ही गया और ये बहुत जल्द लोकप्रिय हो गये थे।

भारत में सिक्को का इतिहास History Of Indian Coins In Hindi

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भारत में सिक्कों Coins का चलन बादशाह शेरशाह सूरी (Sher Shah Suri) (1540 – 1545) ने किया था। ये Silver का सिक्का था जिसको रुपया कहा गया। 1918 से 1959 तक भारत में दो तरह की मुद्रा चलन में थी। एक तो हैदराबादी रुपया (Hyderabadi Rupee) और एक भारतीय रुपया (Indian Rupees) बाद में हैदराबादी रूपये को बंद कर दिया गया और तब से अब तक केवल भारतीय रुपया ही चल रहा है।

रुपया केवल भारत ही नही कुछ और देशो की मुद्रा भी है-
इन देशो में पाकिस्तान,श्रीलंका,मॉरीशस,नेपाल,सेशेल्स,मालदीवऔर इंडोनेशिया आते है।

इंडोनेशिया में रूपये को रूपिआह कहा जाता है और मालदीव में रूफीयाह कहा जाता है।

आप शायद जानते नहीं होंगे की काफी समय पहले कुवैत,कतर,ओमन,बहरीन,यूएई,यूगांडा,केन्या जैसे देशों में भी रूपये का चलन था।

भारत विभाजन से पहले के सिक्के –  Coins Before Partition Of India In Hindi

विभाजन से पहले भारत में दमड़ी, थैला, टका, पाई, आना, दमन्नी, चवन्नी, अठन्नी और रुपये के सिक्के चलन में थे।

छेद वाला सिक्का  Hole Coin Of India In Hindi

यह सिक्का नल में लगने वाले वाशर के समान था जिससे लोग इसका उपयोग वाशर के स्थान पर करने लगे। इस कारण यह सिक्का बहुत जल्द बंद कर दिया गया था।

चमड़े का सिक्का  The Leather Coin Of India In Hindi

इतिहास में चमड़े के सिक्के Leather Coin का भी जिक्र है। बादशाह हुमांयू Humayun के समय की बात है, एक बार बादशाह हुमांयू की नाव नदी में डूबने लगी,तो उस समय सक्का नाम के कहार जाति के एक बच्चे ने हुमांयू की जान बचाई, जिससे हुमांयू बहुत खुश हुआ और उस बच्चे को आधे दिन के लिए बादशाह बना दिया था। उस समय चमड़े का सिक्का चलाया गया था।

दुनिया का सबसे वजनदार सिक्का – The World’s Highest Coin

Australia Coin In Hindiदुनिया का सबसे भारी और बड़ा सिक्का ऑस्ट्रेलिया में बनाया गया था। ऑस्ट्रेलिया की 25वी वर्षगाँठ के मोके पर यह सिक्का पर्थ की टकसाल में बनाया गया था।
यह पूर्ण रूप से सोने से निर्मित है। इस गोल सिक्के पर कंगारू का चित्र गुदा हुआ है अगर वजन की बात करे तो यह 1000 किलोग्राम भारी है। यह 31.5 इंच के व्यास का है और इसकी मोटाई 4.7 इंच है। बाजार में इसका मूल्य 57 मिलियन डॉलर है।

सबसे मूल्यवान सिक्का – The Most Valuable Coin In Hindi

दुनिया का सबसे मूल्यवान सिक्का 1 सेंट Sent का था जिसको नीलामी में 25 लाख 85 हजार डॉलर में बेचा गया था।

कागजी मुद्रा की शुरुआत कब हुई – History Of Paper Money In Hindi

कागजी मुद्रा की शुरूआत चीन China में मानी जाती है। तकरीबन 800 ईस्वी में Paper Currency चीन में सामने आयी थी। कागजी मुद्रा Paper Currency को कही पर भी ले जाने में सुविधा होती है। इसी लिए कागजी मुद्रा की आवश्यकता पड़ी।
भारत में कागजी मुद्रा 1 रुपये,2 रुपये,5 रुपये,10 रुपये,20 रूपये,50 रूपये,100 रूपये,500 रूपये और 2000 रूपये के रूप में चलन में है। 8 दिसम्बर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट RBI के द्वारा बन्द कर दिए गए थे जिससे 500 और 2000 रुपये के नए नोट अस्तित्व में आये थे। कुछ समय पहले सन 2013 में प्लास्टिक नोट Plastic Currency भी प्रयोग के तौर पर चलाये गए थे। जयपुर ,शिमला,मैसूर और भुवनेश्वर शहरों में प्लास्टिक नोट चलाये गए थे।

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी में लकड़ी की मुद्रा भी चलाई गयी थी जो इमरजेंसी उपयोग के लिए थी।

वस्तुओं की अदला बदली Exchange,सिक्कों का चलन और कागजी मुद्रा के बाद वर्तमान में क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड का उपयोग आम हो गया है। इन कार्ड्स को प्लास्टिक मनी भी कहा जाता है। किसी भी वस्तु को खरीदने के लिए डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया जाता है। इससे खुले रुपये की झंझट खत्म हो गयी है। बैंक डेबिट या क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाता है। कही भी कभी भी आपको नगदी की आवश्यकता हो ,तो आप 24×7 एटीएम के द्वारा नगदी निकाल सकते है।
जिम्बाव्वे की मुद्रा का अंतरास्ट्रीय मूल्य सबसे कम है। इसके बाद वियतनाम, सोमालिया,तुर्केमिनिस्तान जैसे देश आते है जो अविकसित देशो की श्रेणी में आते है जिनकी अर्थव्यवस्था बहुत कमजोर है।
तो दोस्तों आपको मुद्रा के बारे History of Currency In Hindi में यह रोचक जानकारी केसी लगी ,हमे कमेंट जरूर करना और हां शेयर करना मत भूलना।  subscribe करे …

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